आम बजट: किसी के लिए राहत, किसी के लिए ठगी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 आम बजट पेश किया.
चतरा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 आम बजट पेश किया. बजट को सत्ता पक्ष के लोगों ने सराहा, तो विपक्ष ने इसे ठगे जाने वाला बताया. वहीं आम लोगों ने बजट मिला जुला बताया. बजट को लेकर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. आम जिंदगी से जुड़ा है बजट : सांसद सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट आम आदमी की जरूरतों व समाज के हर वर्ग के विकास के दृष्टि से बेहद सकारात्मक व समावेशी है. यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे आम जिंदगी से जुड़ा हुआ है. गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, युवा व महिलाओं को केंद्र में रखा गया है. महंगाई पर नियंत्रण व आम लोगों की बुनियादी जरुरतों को पूरा करने पर जोर दिया गया. स्वास्थ्य के क्षेत्र में कैंसर व डायबिटीज जैसी बीमारियों की दवाओं की कीमत कम की गयी है. समावेशी विकास पर जोर दिया गया है : विधायक सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट आत्मनिर्भर भारत को सशक्त बनाने का बजट है. यह बजट देशहित में है. बजट गरीब, मजदूर, किसान, महिलाओं के हित में है. इससे क्षेत्र का विकास होगा. बुजुर्गों को भी ध्यान में रखा गया है. समावेशी विकास पर जोर दिया गया है. सराहनीय बजट : बिरजू तिवारी जिप उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट सराहनीय है. किसान, उद्यमी, महिला, छोटे व्यापारियों के हित में बजट है. इससे गांव की तस्वीर बदलेगी. गरीब, असहाय लोग जो कैंसर व डायबिटिज रोग से ग्रसित रहते हैं, उन्हें राहत मिलेगी. कई क्षेत्रों में इस बजट से लाभ पहुंचेगा. उद्योगपतियों को लाभ मिलेगा : चंद्रदेव कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रदेव गोप ने कहा कि इस बजट से उद्योगपतियों को लाभ मिलेगा. किसान, मजदूर विरोधी बजट है. इस बार भी चतरा को रेल से जोड़ने को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया है. चतरा के लोग ठगे गये है. युवा, खिलाड़ी, किसानों के लिए कोई स्किम नहीं लायी गयी है. जनहितकारी बजट है : अभिषेक आइएमए के उपाध्यक्ष डॉ अभिषेक के रामाधीन ने कहा कि इस बजट में स्वास्थ्य व फार्मा क्षेत्र के लिए मजबूत व जनहितकारी दृष्टि दिखायी देती है. एक हजार नये रिसर्च सेंटर, भारत को ग्लोबल फार्मा हब बनाने की दिशा व कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों की दवाओं के सस्ता होने से राहत मिलेगी. खास वर्ग के लिए बजट : डॉ सबिता समाजसेवी डॉ सबिना बनर्जी ने कहा कि यह बजट खास वर्ग को ध्यान में रखकर लाया गया है. महिलाओं के विकास की कोई बात नहीं कही गयी है. केवल अस्पताल बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि इसमें मैनपावर की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पायेगा. किसानों के हित में बजट : गिरजानंद सिंह किसान गिरजानंद सिंह ने कहा कि बजट किसानों के हित में है. एक जिला एक उत्पाद योजना मजबूत होने से किसानों को लाभ मिलेगा. पशुपालन क्षेत्र के लोन आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होने का प्रावधान किया गया है. किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है. मिला जुला बजट है : प्रवीण शिक्षक प्रवीण कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट मिला जुला रहा. प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना सराहनीय है. हॉस्टल खुलने से छात्राओं को लाभ मिलेगा. बजट में बायोफार्मा में जोर दिया गया, इससे स्वरोजगार बढ़ेगा और लोग आत्मनिर्भर बनेंगे. सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है: रिसव रिसव कुमार ने कहा कि बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है. बजट विकास, आत्मनिर्भरता व भविष्य की जरुरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इससे आम लोगों को लाभ मिलेगा. युवाओं के लिए रोजगार सृजन होगा, इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं कर राहत पहुंचायी है. युवाओं के साथ छल हुआ : नवीन युवा नवीन कुमार ने कहा कि बजट में युवाओं के साथ छल हुआ है. युवाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है. बजट आने से पूर्व युवाओं के हित में बजट होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई घोषणा नहीं की गयी है.
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