Chatra: सदर अस्पताल में शव रखने वाला फ्रीजर खराब, दुर्गंध से परेशान लोगों ने किया प्रदर्शन
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 19 Feb 2026 5:22 PM
सदर अस्पताल चतरा के बाहर प्रदर्शन करते लोग.
Chatra: सदर अस्पताल के शवगृह का फ्रीजर काफी दिनों से खराब है. शव से आ रही बदबू से लोग परेशान हैं. गुरुवार को कुछ लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया.
मो० तसलीम
Chatra: सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस की स्थिति बेहद चिंताजनक है. यहां शव रखने वाला फ्रीजर लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण शवों को बिना शीत भंडारण के ही रखा जा रहा है. इससे न केवल दुर्गंध फैलती है बल्कि अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. गुरुवार को जब शव पोस्टमार्टम कराने आए लोग गंदगी और दुर्गंध से रू-ब-रू हुए तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि शव को अधिक समय तक बिना फ्रीजर के रखने से स्थिति और खराब हो जाती है.
पोस्टमार्टम हाउस के पास गंदगी का अंबार
पोस्टमार्टम हाउस के आसपास गंदगी पसरी हुई है और मेडिकल वेस्ट इधर-उधर फेंका हुआ है. दुर्गंध इतनी तीव्र होती है कि वहां कुछ देर खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है. गिद्धौर प्रखंड के बारीसाखी पंचायत के उप मुखिया विकास पांडेय ने बताया कि गांव के मनोहर राणा की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद शव को शाम छह बजे अस्पताल लाया गया, लेकिन रातभर बिना फ्रीजर के ही रखा गया. इस दौरान वीरेंद्र यादव, सुशांत कुमार, पवन पासवान, शिवबालक मांझी समेत अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल फ्रीजर की मरम्मत कराने, कचरा प्रबंधन सुधारने और स्वच्छता पर ध्यान देने की मांग की.
मुख्य द्वार से पोस्टमार्टम के लिए ले जाते हैं शव
एक अन्य गंभीर समस्या यह है कि पोस्टमार्टम हाउस तक जाने के लिए कोई अलग रास्ता नहीं है. शवों को अस्पताल परिसर के मुख्य रास्ते से ही ले जाया जाता है, जिससे इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. कई बार जब अधिक दिनों पुराना शव मरीजों के बीच से ले जाया जाता है तो अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए अलग रास्ता बनाने की मांग की है.
एजेंसी को जानकारी दे दी गयी है
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ पंकज कुमार ने बताया कि फ्रीजर सप्लाई करने वाली एजेंसी को खराबी की जानकारी दे दी गयी है और संभावना है कि होली के बाद इसे ठीक कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि साफ-सफाई कराई जाती है और पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचने के लिए अलग सड़क बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है.
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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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