कोल वाहनों से वातावरण हो रहा है प्रदूषित

टंडवा-सिमरिया मार्ग पर कोल वाहनों से उड़ती धूल-गर्द से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
चतरा. टंडवा-सिमरिया मार्ग पर कोल वाहनों से उड़ती धूल-गर्द से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. चौक-चौराहो व घरों में रहनेवाले लोग प्रदूषण के शिकार हो रहे हैं. दिन में टंडवा के आम्रपाली से मुरबे तक कोयला लदे हाइवा का परिचालन होता है. वहीं रात में भी कोल लदे वाहन सड़कों पर दौड़ते रहते हैं. ग्रामीणों के अनुसार वाहनों के परिचालन से जहां वातावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं आये दिन राहगीर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. लोगों ने जिला प्रशासन से कई बार कोल वाहनों के परिचालन पर रोक व अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क की मांग की, लेकिन सीसीएल, ट्रांसपोर्टर व पदाधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही से आये दिन लोग हादसे के शिकार हो रहे हैं. आधा अधूरा तिरपाल ढंक कर कोल वाहनों का परिचालन किया जा रहा है. इससे कोयले का टुकड़ा हमेशा सड़क पर गिरता रहता है. धूल से दुकानों व घरो में रखे सामान बर्बाद हो रहे हैं. वहीं मुआवजा नीति नहीं बनने से दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा नहीं मिल पाता है. दुर्घटना के वक्त पदाधिकारी, ट्रांसपोर्टर मुआवजा के नाम पर कुछ राशि देकर खानापूर्ति करते हैं. झामुमो के केंद्रीय सदस्य सह पूर्व प्रत्याशी मनोज कुमार चंद्रा ने कहा कि कोल वाहनों के चलने से क्षेत्र के लोग हमेशा दहशत में रहते हैं. प्रदूषण व दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. ट्रांसपोर्टरों को कई बार मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत वाहन चलाने को कहा गया, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण क्षेत्र लोग परेशान है. ट्रांसपोर्टर इस पर ध्यान नहीं देते हैं, तो कोल वाहनों को रोका जायेगा.
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