चतरा विमान हादसे का खौफनाक मंजर, तेज बारिश के बीच जोरदार धमाका और फिर जंगल में लग गई आग

चतरा के सिमरिया में विमान हादसे के बाद पड़ा मलबा. फोटो: प्रभात खबर
Chatra Plane Crash: झारखंड में चतरा जिले के सिमरिया स्थित कसारी जंगल में तेज बारिश के बीच एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई. रांची से दिल्ली जा रहे विमान में सवार सात लोगों की मौत की सूचना है. जोरदार धमाके के बाद जंगल में आग लग गई. हादसे के कारणों की जांच जारी है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
चतरा से दीनबंधू की रिपोर्ट
Chatra Plane Crash: चतरा जिले के सिमरिया का कसारी जंगल. सोमवार की शाम समय करीब आठ बज रहे होंगे. तेज बारिश हो रही थी. इसी तेज बारिश में लोगों को एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी. इस जोरदार धमाके के बाद कसारी जंगल में तेज बारिश के बीच ग्रामीणों को जंगल से आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं. उन्हें शक हुआ कि इस तेज बारिश में जोरदार धमाका और फिर जंगल के बीच से आग की तेज लपटें? हो न हो कोई अनहोनी हो गई है. वे आनन-फानन में बारिश के बीच घरों से निकलकर जंगल में आग की लपटों के बीच पहुंचे, तो वहां का मंजर ही कुछ और था.
जंगल में ध्वस्त पड़ा था विमान, दिखा अधजला शव
सिमरिया के कसारी इलाके के ग्रामीण जब जंगल के अंदर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए. एक विमान पूरी तरह से ध्वस्त पड़ा था. मलबे के बीच से धुआं और आग की लपटें उठ रही थीं. इसी दौरान एक महिला का अधजला शव भी दिखाई दिया. मंजर देख ग्रामीण भौंचक रह गए. उन्हें समझते देर नहीं लगी कि यह कोई साधारण आग नहीं, बल्कि विमान हादसा है. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चतरा पुलिस और प्रशासन को दी.
रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस हुई दुर्घटनाग्रस्त
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. यह एयर एंबुलेंस चतरा के सिमरिया स्थित कसारी जंगल में क्रैश हो गई. यह विमान हादसा सोमवार की रात करीब 8:40 बजे के आसपास हुआ. बताया गया कि विमान ने शाम सात बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद उसका एटीसी से संपर्क टूट गया. वायरलेस सिग्नल से आखिरी बार संपर्क शाम 7:30 बजे पलामू-गढ़वा क्षेत्र में हुआ था. इसके बाद अचानक संपर्क समाप्त हो गया.
सात लोगों की मौत की सूचना
दुर्घटनाग्रस्त विमान रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस सी-90 बताया जा रहा है. इस में कुल सात लोग सवार थे. इनमें पायलट कप्तान विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन समरजीत सिंह, डॉ विकास गुप्ता, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, ध्रुव कुमार और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे. इस विमान हादसे में सभी सात लोगों के मारे जाने की सूचना है. हालांकि, प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है.
65% जले मरीज को ले जाया जा रहा था दिल्ली
बताया यह जा रहा है कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार (41) को रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था. वे आगजनी की घटना में करीब 65% तक जल गए थे. उन्हें 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था. सात दिन पहले उनके बकोरिया स्थित होटल में आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे. स्थिति में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया. सोमवार दोपहर उन्हें अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के लिए रवाना किया गया था.
हादसे के कारणों की पुष्टि नहीं
फिलहाल, हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. चतरा के पुलिस-प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का खुलासा किया जाएगा. खराब मौसम, तेज बारिश और हवा को संभावित कारणों में देखा जा रहा है, लेकिन अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है.
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ग्रामीणों का बयान और राहत कार्य
ग्रामीणों के मुताबिक रात करीब आठ बजे तेज बारिश और हवा के बीच अचानक जोरदार धमाका हुआ. इसके तुरंत बाद जंगल में आग लग गई. घटनास्थल पर आसपास के गांवों से करीब एक हजार लोग पहुंच गए. बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और किसी को भी मलबे के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. रात का समय और लगातार बारिश राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बनती रही. इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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