कोल्हान यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडिलस्ट छात्रा का विरोध, सर्टिफिकेट लेने से इनकार

Updated at : 08 Apr 2022 7:21 PM (IST)
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कोल्हान यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडिलस्ट छात्रा का विरोध, सर्टिफिकेट लेने से इनकार

Jharkhand news: कोल्हान यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति सह राज्यपाल रमेश बैस के समक्ष गोल्ड मेडलिस्ट एक छात्रा ने विरोध करते हुए डिग्री सर्टिफिकेट और गोल्ड मेडल लेने से इनकार किया. इस दौरान कुछ देर के लिए हंगामा की स्थिति उत्पन्न हुई.

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Jharkhand news: कोल्हान यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह शुक्रवार को विरोध के बीच संपन्न हुआ. को-ऑपरेटिव कॉलेज के पीजी अर्थशास्त्र की छात्रा सोनी कुमारी सेनगुप्ता ने गोल्ड मेडलिस्ट और डिग्री सर्टिफिकेट लेने से इनकार करते हुए मंच पर ही विरोध प्रदर्शन करने लगी. इस दौरान कुलाधिपति सह राज्यपाल रमेश बैस डिग्री सर्टिफिकेट का वितरण कर रहे थे. छात्रा ने मंच पर नारेबाजी भी करने लगी. 7 मिनट तक हंगामा चलता रहा. यह देख डीसी अन्नय मित्तल और डीआइजी अजय लिंडा मंच पर गये. छात्रा को डीसी ने पकड़ कर नीचे उतार लिया. उसके बाद पुलिस ने हिरासत में लेकर महिला थाना चाईबासा ले गयी, जहां पूछताछ करते हुए देर शाम छोड़ दिया गया. लेकिन थाना में 4 घंटे तक छात्रा को बैठाए रखा. उसकी मोबाइल की भी जांच की गयी. इस पर सोनी सेनगुप्ता ने विरोध किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने नहीं माना और जबरन छात्रा का मोबाइल छीनकर जांच करने लगे.

दीक्षांत समारोह के नाम पर अलग से शुल्क लेने का आरोप

मालूम हो कि AIDSO ने लगातार 5वें दीक्षांत समारोह का विरोध कर रहा था. छात्रा सोनी कुमारी सेनगुप्ता ने कहा कि कोल्हान यूनिवर्सिटी ने अपने इतिहास में पहली बार भेदभाव करते हुए दीक्षांत समारोह का आयोजन किया है. डिग्री सबों के लिए बराबर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कॉलेजों में ही यदि डिग्री सर्टिफिकेट देना था, तो विद्यार्थियों से दीक्षांत समारोह के नाम पर अलग से शुल्क लेना गलत है, जबकि डिग्री सर्टिफिकेट के नाम पर पहले ही सभी विद्यार्थियों से शुल्क लिया जा चुका है. कहा कि हर विद्यार्थी गोल्ड मेडल हासिल नहीं कर सकता है. डिग्री को ही महत्व देना चाहिए.

एक सप्ताह से निरंतर कॉलेजों में चल रहा था विरोध प्रदर्शन

कोल्हान यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह को स्थागित करने की मांग पिछले एक सप्ताह से चल रहा था, लेकिन इस पर कोल्हान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया. महिला कॉलेज, टाटा कॉलेज, को-ऑपरेटिव कॉलेज, कोल्हान यूनिवर्सिटी के कुलपति को मांग पत्र देते हुए समारोह में भेदभाव नहीं करने की मांग की जा रही थी. लेकिन, कुलपति ने इसको गंभीरता से नहीं लिया था. जिसके वजह से कुलाधिपति सह राज्यपाल रमेश बैस के मंच पर शुक्रवार को हंगामा हुआ.

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राज्यपाल की नाराजगी से यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों पर गिर सकती है गाज

5वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति सह राज्यपाल रमेश बैस में समारोह को लेकर नाराजगी दिखा. कोल्हान यूनिवर्सिटी प्रशासन के पदाधिकारियों को पिछले कई दिनों से लगातार हो रही विरोध को लेकर जानकारी होने के बावजूद भी सतर्कता नहीं बरता गया. राजभवन सूत्रों के मुताबिक, इस नाराजगी का असर कोल्हान यूनिवर्सिटी के कुछ पदाधिकारियों पर दिख सकता है. कई पदाधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है.

यूनिवर्सिटी की लापरवाही का समारोह में दिखा असर

कोल्हान यूनिवर्सिटी प्रशासन के पदाधिकारियों को पिछले कई दिनों से जानकारी होने के बावजूद भी गंभीरता से नहीं लिया. समारोह के एक दिन पूर्व गुरुवार को भी हजारों की संख्या में डिग्रीधारी स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके अलावा को-ऑपरेटिव कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी जमशेदपुर के यूनिवर्सिटी शाखा में भी विरोध किया. कुलपति प्रो गंगाधर पंडा ने विद्यार्थियों की समस्या को लेकर एक भी बार छात्र प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक नहीं किया. जिसका परिणाम दीक्षांत सामरोह स्थल पर ही देखने को मिला.

डिग्रीधारियों विद्यार्थियों की ये थी मुख्य मांग

– कोल्हान यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से किसी तरह का भेदभाव विद्यार्थियों के बीच ना किया जाए
– एक साथ सभी डिग्रीधारी, गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी धारी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाए
– कोल्हान यूनिवर्सिटी ने पूर्व से ही गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडीधारी विद्यार्थियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया था, तो बाकी डिग्रीधारी विद्यार्थियों से 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क क्यों लिया गया
– सभी डिग्रीधारियों से लिया गया 500 रुपये शुल्क अविलंब वापस किया जाए

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अन्य विद्यार्थियों के साथ किया गया मजाक : AIDSO

इस मामले में AIDSO पश्चिमी सिंहभूम के जिला संयोजक रमेश दनियाल ने कहा कि को-ऑपरेटिव कॉलेज की अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर की गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा सोनी सेनगुप्ता शुरू से ही दीक्षांत समारोह का विरोध करती आ रही थी. दीक्षांत सामरोह एक ही स्थान पर होता है और सभी विद्यार्थियों को उसी मंच पर समान सम्मान दिया जाता है. लेकिन, केवल गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी धारी विद्यार्थियों को ही यूनिवर्सिटी के दीक्षांत सामरोह में सम्मानित किया जा रहा है. यह अन्य विद्यार्थियों के साथ मजाक है जबकि हजारों की संख्या में विद्यार्थी पूर्व में यूनिवर्सिटी का घेराव किया. सोनी सेनगुप्ता ने पहले मंच पर हाथ जोड़ कर अभिवादन किया और गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट नहीं लेकर कार्यक्रम का बहिष्कार किया.

Posted By: Samir Ranjan.

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