Chaibasa News : जैतगढ़ लैंपस बंद होने से आधे दाम पर खुले बाजार में धान बेच रहे हैं किसान
Updated at : 05 Dec 2025 10:42 PM (IST)
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तीन वर्षों से बंद पड़ा है जैंतगढ़ लैंपस, 300 किसान परेशान
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जैंतगढ़.
जैंतगढ़ लैंप्स विगत तीन वर्षों से बंद पड़ा है. तीन वर्ष पूर्व तक ये लैंप्स जगन्नाथपुर का धान अधिप्राप्ति केंद्र हुआ करता था. लैंप्स बंद होने से चार प्रखंडों के लगभग 300 से अधिक किसानों को परेशानी हो रही है. धान की फसल अच्छी होने के बावजूद किसान निराश हैं. उन्हें अपने उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है. जहां सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये क्विंटल निर्धारित किया है, वहीं धान अधिप्राप्ति केंद्र बंद होने से किसान अपना धान आधे दामों में खुले बाजार में बेचने को विवश हैं. बाजार में किसानों को प्रति क्विंटल 1400 से 1500 रुपये ही मिल रहा है. किसानों ने जल्द जैंतगढ़ लैंप्स में धान की खरीद शुरू करने की मांग की है.तीन वर्ष पूर्व लैंप्स कर्मियों द्वारा घोटाला करने के बाद लैंप्स बंद कर दिया गया है.कर्मियों पर केस भी चल रहा है.विभाग वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए नई किसान समिति का चुनाव कर जैंत गढ़ में धान खरीद शुरू करे.– जमादार लागुरी
, केंद्रीय उपाध्यक्ष, मामू संघगुमुरिया, मंडल, जैंतगढ़ और पत्रजैंत पंचायत के 300 किसानों को समस्या हो रही है. हम किसान बीस से तीस किमी दूर बड़ा नंदा या बसेरा धान अधिप्राप्ति केंद्र क्यों जाये. जबकि यहां लैंप्स उपलब्ध है. जैंतगढ़ लैंप्स को फिर चालू किया जाये. –गंगाधर नायक
, किसानइस बार डेढ़ गुना अधिक फसल हुआ है. किसानों के पास धान रखने का साधन नहीं है. धन चूहे खा रहे है. मजबूरन किसान आधे दाम पर खुले बाजार में धान बेच रहे है. जल्द जैंतगढ़ में धान अधिप्राप्ति केंद्र चालू हो. –लोचन नायक
, किसानडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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