Chaibasa News : चाईबासा के 34 आदिवासी बच्चों की मेहनत को मिली राष्ट्रीय पहचान

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 26 Jan 2026 12:25 AM

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'नेशनल स्कूल बैंड प्रतियोगिता-2026' के ब्रास बैंड वर्ग में लुपुंगुटू संत जेवियर्स विद्यालय के बच्चों को तीसरा स्थान मिला

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चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड) जिले के चाईबासा के 34 आदिवासी बच्चों की टीम ‘युवराज’ ने अपनी प्रतिभा से नयी दिल्ली में परचम लहराया है. दरअसल, बीते 24 जनवरी को नयी दिल्ली के नेशनल बाल भवन में आयोजित ””नेशनल स्कूल बैंड प्रतियोगिता-2026”” में लुपुंगुटू (चाईबासा) स्थित सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के बच्चों ने ब्रास बैंड के बालक वर्ग में पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया. इसी सफलता के कारण 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनने का मौका मिला है. पश्चिमी सिंहभूम जिले का प्रतिनिधित्व कर स्कूल को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ व केंद्रीय शिक्षा सचिव संजय कुमार ने पुरस्कार स्वरूप 21,000 नकद, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र सौंपा.

चार साल की कठिन तपस्या का फल मिला :

बच्चों के साथ दिल्ली गये शिक्षक संतोष खेस व शारीरिक शिक्षक विमल कुमार ने बताया कि ब्रास बैंड टीम का नाम युवराज है. इसमें सभी 34 बच्चे आदिवासी समाज से हैं. इनकी उम्र 14 से 17 साल के बीच है. वहीं कक्षा सात से 12वीं के विद्यार्थी हैं. उन्होंने बताया कि बच्चों को बीते चार साल की कठिन तपस्या का फल मिला है. बच्चों ने देशभर में चाईबासा का नाम रौशन कर दिया है.

तीन साल के प्रयास को मिली पहचान :

बताया गया कि बच्चों की टीम पिछले तीन साल से प्रयास कर रही थी. उन्हें जोन व राज्य स्तर से आगे सफलता नहीं मिल रही थी. टीम ने मेहनत को जारी रखा. अंतत: सफलता मिली, तो बच्चों ने सभी चौंका दिया. इस सफलता से बच्चों के हौसले बुलंद हैं. बच्चों का कहना है कि हम और मेहनत करेंगे. टीम को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे. बच्चे 19 जनवरी की रात करीब 12 बजे रांची पहुंच गये थे. रांची से आनंद विहार (दिल्ली) ट्रेन से पहुंचे.

हर साल दिल्ली से प्रशिक्षक बुलाकर बच्चों को दिया जाता है प्रशिक्षण

बताया गया कि स्कूल में वर्ष 2022 से ब्रास बैंड की शुरुआत की गयी. इसके बाद टीम दिन-रात मेहनत करती रही. इसमें स्कूल प्रबंधन और सरकार का पूरा सहयोग मिला. बच्चों को ब्रास बैंड में पारंगत बनाने के लिए हर साल दिल्ली से विशेष प्रशिक्षकों को बुलाकर एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. वहीं, नेशनल स्कूल बैंड प्रतियोगिता में जगह मिलने पर केंद्र सरकार ने दिल्ली से सेना के दो पूर्व जवान राजेंद्र राणा और शिव कुमार क्षेत्री को प्रशिक्षण के लिए भेजा था. उनकी देखरेख में बच्चों की प्रतिभा में और निखार आयी, जिसका परिणाम प्रदर्शन में दिखा.

विद्यालय परिवार के दूरगामी सोच का परिणाम : प्राचार्य

लुपुंगुटू संत जेवियर्स विद्यालय के प्रधानाध्यापक फादर किशोर लुगुन ने कहा कि यह विद्यालय परिवार के दूरगामी सोच के बदौलत संभव हो पाया है. बच्चे तीन वर्ष से लगातार अभ्यास कर रहे थे. उन्होंने बताया कि टीम 27 जनवरी को फ्लाइट से दिल्ली से रांची पहुंचेगी. यहां से बस से चाईबासा पहुंचेगी. टीम को विद्यालय परिवार व जिले वासियों की ओर सम्मानित किया जायेगा. शिक्षक आशीष झा कहा ने विद्यालय के लिए यह अविस्मणीय क्षण है. इस उपलब्धि को आनेवाली पीढ़ियां याद रखेंगी.

देशभर से 2,217 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा:

नेशनल स्कूल बैंड प्रतियोगिता में देशभर से 18 टीमों ने भाग लिया था. इनमें इस्ट जोन से चार टीमें थीं. पाइप बैंड के बालक व बालिका वर्ग में झारखंड की टीम विजेता रही. ब्रास बैंड बालक वर्ग में संत जेवियर हाइस्कूल लुपुंगुटू चाईबासा को तीसरा स्थान मिला. प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 2,217 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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