Chaibasa News : जनसंख्या नियंत्रण के साधनों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत : सिविल सर्जन

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 11 Jul 2025 11:35 PM

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चाईबासा. सदर अस्पताल में जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता अभियान शुरू

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चाईबासा. चाईबासा सदर अस्पताल के सभागार में शुक्रवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता अभियान की शुरुआत की गयी. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन ने किया. जिप अध्यक्ष ने कहा कि जनसंख्या को संतुलित करने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ सुशांतो कुमार मांझी ने कहा कि जनसंख्या संबंधी मुद्दों के तात्कालिक व महत्व पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हम विश्व जनसंख्या दिवस मानते हैं. जनसंख्या नियंत्रण के साधनों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है. कार्यक्रम को एसीएमओ डॉ भारती मिंज ने भी संबोधित किया. वहीं अतिथियों ने सदर अस्पताल के ओपीडी परिसर में लगाये गये स्टॉल का निरीक्षण किया.

उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी सम्मानित

स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले 15 चिकित्सकों, 2 स्टाफ नर्स, 22 एएनएम, 5 बीटीटी व 22 सहियाओं को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ मीना कालुंडिया, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शिवचरण हांसदा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र श्रीवास्तव, जिला लेखा प्रबधंक, जिला डाटा प्रबंधक, जिला कार्यक्रम समन्वयक समेत स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.

विश्व की जनसंख्या 2025 में 806 करोड़ होने का अनुमान : डॉ अर्पित

महिला कॉलेज चाईबासा के एनएसएस बीएड यूनिट द्वारा वर्ल्ड पॉपुलेशन डे पर एक क्विज का आयोजन किया गया. क्विज का संचालन प्रोफेसर धनंजय कुमार ने किया. डॉ अर्पित सुमन ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराना है. डॉ सुमन ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक 2025 में दुनिया की आबादी 806 करोड़ से अधिक हो जाएगी. इस वर्ष की थीम युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए सशक्त बनाना है. प्रोफेसर राजीव लोचन नमता ने कहा कि विश्व को प्रभावित करने वाली वर्तमान जनसंख्या के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का एक अंतरर्राष्ट्रीय दिवस है. यह वैश्विक जनसांख्यिकीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कराता है. जिनमें गरीबी, लैंगिक समानता, मातृ स्वास्थ्य, भुखमरी, बीमारी, युद्ध और मानवाधिकार शामिल है. इस अवसर पर प्रो मदन मोहन मिश्रा व अन्य प्राध्यापकों समेत सेमेस्टर 1 व 3 की छात्राएं उपस्थित रहीं. क्विज में सफल प्रतिभागियों को कार्यक्रम के बाद पुरस्कृत भी किया गया.

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