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Bokaro News : भारत की प्राचीन परंपरा व संस्कृति की देन है योग

Updated at : 21 Jun 2025 12:05 AM (IST)
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Bokaro News : भारत की प्राचीन परंपरा व संस्कृति की देन है योग

Bokaro News : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष

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Bokaro News : 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर चंद्रपुरा शहर के विभिन्न जगहों पर योग शिविर का आयोजन किया जायेगा, जिसमें लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और विभिन्न तरह के योगासन करेंगे. वैसे चंद्रपुरा में नियमित योग करने वालों की कमी नहीं है. यहां डीवीसी के योगा केंद्र, चंद्रपुरा के कमला माता पहाड़ी मंदिर व प्रकृति के बीच योगस्थल में प्रतिदिन सुबह-शाम अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग लोग प्रशिक्षकों के सान्निध्य में घंटों सामूहिक रूप से योग करते हैं. योग भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति की देन है. क्या कहते हैं योग प्रशिक्षक मैंने हरिद्वार में बाबा रामदेव के सान्निध्य में रहकर योग का प्रशिक्षण लिया है. मैं कई वर्षों से योग की ऑनलाइन क्लास चलाती हूं, जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लोग जुड़ कर लाभ उठा रहे हैं. किरण वर्णवाल, योग प्रशिक्षक योगाभ्यास शरीर व मन, विचार व कर्म, मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है. यह व्यायाम ही नहीं, जीवन शैली में बदलाव का सहयोगी भी है. इसे मैं रोजाना करता हूं. भीम महतो, योग प्रशिक्षक योगा भारत की प्राचीन परंपरा व संस्कृति की देन है. मैं नियमित योग करता हूं. योगासन शरीर को ना सिर्फ संतुलित व शांत रखता है, बल्कि कई रोगों से लड़ने में भी मदद करता है. श्यामदेव प्रसाद, योग प्रशिक्षक योगाभ्यास आरामदायक स्थिति में श्वास-प्रश्वास की सजगता के साथ धीरे-धीरे शुरू करना चाहिए. शारीरिक व मानसिक क्षमता के अनुसार योग किया जाये तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं. सजल तंतुबाई, योग प्रशिक्षक क्या कहते हैं योग कर्ता मैं नियमित योग करता हूं. योग करने से मन को शांति मिलती है और आनंद का एहसास होता है. योग रोगों से मुक्ति दिलाता है. शरीर को स्वस्थ रखने के नियमित योगासन जरूरी है. प्रेम कुमार योग कर मैंने कई बीमारियों को परास्त किया है. मुझे चलने-फिरने में काफी दिक्कतें थी. कुछ लोगों की सलाह पर मैंने योग किया और आज मैं ठीक हूं. वजन भी कम हो गया. सिंदु कुमारी योग को दैनिक जीवन में अपना कर शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक शक्ति का विकास किया जा सकता है. इससे मन एकाग्र होता है और शरीर में अच्छे विचारों का समावेश होता है. सुषमा यादव घंटे भर योग करने से दिल-दिमाग स्फूर्त हो जाता है. योग से मन को शांति व शरीर को नयी ऊर्जा मिलती है. भद्रासन, प्राणायाम व कपालभाति जैसे योगासन सभी के लिए जरूरी हैं. रानी प्रिया

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANOJ KUMAR

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