ePaper

Bokaro News : कुड़मी को एसटी की सूची में क्यों नहीं किया गया शामिल : सांसद

Updated at : 13 Dec 2024 11:59 PM (IST)
विज्ञापन
Bokaro News : कुड़मी को एसटी की सूची में क्यों नहीं किया गया शामिल : सांसद

Bokaro News : गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने लोकसभा में सवाला उठाया कि कुड़मी को एसटी की सूची में क्यों शामिल नहीं किया गया.

विज्ञापन

बेरमो. गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने 377 नियम के तहत लोकसभा में पूछा कि किन कारणों से कुड़मी समुदाय को 1931 के ट्राइब्स में शामिल होने के बावजूद 1950 में शेड्यूल ट्राइब्स नहीं बनाया गया. अखंड भारत में पहले हुई जनगणना में ही कुड़मियों/कुरमी को झाड़ी ट्राइब्स और वुड ट्राइब्स चिह्नित किया गया था. इस जनगणना के बाद ही वृहद छोटानागपुर शेड्यूल डिस्ट्रिक्ट घोषित कर शेड्यूल डिस्ट्रिक्ट एक्ट 1874 पारित किया गया था, जो 25 नवंबर 1949 तक लागू था. इस वृहद छोटा नागपुर में कुड़मी जनजाति की आबादी सभी जनजाति से अधिक थी. छोटानागपुर टेंडेंसी एक्ट 1908 पारित किया गया, जिसमें कुड़मी को आदिवासी रैयत कहा गया था. 1911 की जनगणना में कुड़मी को आदिवासी लिखा गया और 1913 में कुड़मी आदिवासी रैयत होने के कारण अन्य 12 जनजाति के साथ इन्हें भी भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1965 से अलग रखा गया. 1950 में जिस तरह से 1931 के ट्राइब्स को ही शेड्यूल ट्राइब्स बनाया गया, परंतु सभी ट्राइब्स को आज तक शेड्यूल ट्राइब्स नहीं बनाया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola