बोकारो के इस आदिवासी बहुल गांव में पानी की भीषण संकट, कटोरी में लेकर पत्थल चुंआ से पानी भरने को हैं विवश

Published by : Sameer Oraon Updated At : 20 Jun 2024 11:54 AM

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बोकारो के मोढ़ा गांव की महिलाएं बताती हैं कि पानी लेने के लिए उन्हें कतार में खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ता है. अगर कभी चुंआ का पानी सूख जाता है तो उन्हें बगैर पानी के ही वापस लौटना पड़ता है.

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नागेश्वर कुमार, बोकारो : बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड अंतर्गत तिलैया पंचायत के मोढ़ा गांव में पानी की भीषण संकट है. स्थिति ये है कि वहां के लोग गांव से एक किलो मीटर दूर स्थित पत्थल चुंआ से एक एक कटोरी पानी निकालकर बर्तन में भरते हैं. पानी इतना कम है कि लोगों को एक डेगची पानी भरने में आधे से एक घंटे का समय लग जाता है. साथ ही झुमरा पहाड़ से निकलने वाला नाले का पानी भी सूख गया है. जिस कारण यह समस्या और भी विकराल हो गयी है. बता दें कि यह संताली आदिवासी बहुल इलाका है.

बोकारो के मोढ़ा गांव की महिलाएं बताती हैं कि पानी लेने के लिए उन्हें कतार में खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ता है. अगर कभी चुंआ का पानी सूख जाता है तो उन्हें बगैर पानी के ही वापस लौटना पड़ता है. अब तो पानी किल्लत इस तरह होने लगी है कि उन्हें पानी भी दवा की तरह इस्तेमाल करना पड़ता है. खाना बनाने के लिए भी उन्हें पानी नापतोल कर उपयोग करना पड़ता है. आज हालत ये है कि ग्रामीणों को स्नान करने के लिए कई दफा सोचना पड़ता है. इस वजह से कई लोग बगैर स्नान किये ही कई दिनों तक रह जाते हैं.

पानी भरने जाते समय जंगली जानवरों का सताता है डर

ग्रामीणों ने प्रभात खबर के प्रतिनिधि को बताया कि जंगल के पास पानी भरने जाते वक्त हमें जंगली जानवरों का डर सताता है. गांवों में अभी भी सड़क बन नहीं बन पायी है. जिससे अवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जब वोट का समय पहुंचता है तो सभी जनप्रतिनिधि हमारी समस्यों को हल करने का वादा करते हैं. लेकिन बाद में सुधि लेने वाला कोई नहीं रहता. बता दें कि इस गांव में तकरीबन 20 से 25 परिवार है.

डीप बोरिंग से ही पानी की समस्या का समाधान- मुखिया

तलहटी पचांयत की मुखिया चिंता देवी का कहना है कि गांव के लोगों को कुआं दिया गया है. लेकिन गर्मी के दिनों में इसका जलस्तर काफी नीचे चला जाता है. जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. डीप बोरिंग से ही इस समस्या का हल निकल सकता है. जहां तक गांव के सड़क की बात है तो इसके लिए प्रखंड कार्यालय में बात रखी गयी है. लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है.

जिलाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कर जल संकट दूर करने का किया जायेगा प्रयास – बीडीओ

गांव की समस्याओं को लेकर गोमिया प्रखंड के बीडीओ से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है. लेकिन जल्द ही इसे लेकर जिला स्तर के अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कर जल संकट और सड़क की समस्याओं का समाधान किया जाएगा.

मोढ़ा गांव में चेक डैम निर्माण पर दिया जाएगा बल

वन भवन रांची के अपर प्रधान मुख्य वन सरंक्षक संजीव कुमार ने कहा मोढ़ा गांव के निकट झुमरा से निकलने वाले नाला के पास चेक डैम का निर्माण किया जाएगा. इस सबंध में बोकारो के डीएफओ को सूचना प्रेषित कर जांच पड़ताल करने को कहा गया है. इस दिशा में जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरु की जाएगी.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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