सीलो सिस्टम से जुड़ी टीटीपीएस की यूनिट एक
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 08 Aug 2024 11:50 PM
प्रदूषण नियंत्रण मानक स्थापित करने में टीवीएनएल को मिली सफलता
प्रदूषण नियंत्रण मानक स्थापित करने में टीवीएनएल को मिली सफलताललपनिया स्थित तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट के विस्तारीकरण की दिशा में गुरुवार को टीवीएनएल प्रबंधन को बड़ी सफलता मिली है. प्रदूषण नियंत्रण मानक सीलो सिस्टम से प्लांट की यूनिट एक की लाइन फंक्शनल हो गयी है. यूनिट दो में यह लाइन नवंबर के प्रथम सप्ताह में फंक्शनल हुई थी. इस तरह सीलो सिस्टम की दोनों लाइन फंक्शनल हो गयी है. गुरुवार को टीवीएनएम के एमडी सह टीटीपीएस के जीएम अनिल कुमार शर्मा ने सीलो सिस्टम के ऑपरेटिंग कंट्रोल पैनल रूम का स्विच ऑन किया. इस दौरान डीजीएम सहित प्लांट के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे. मौके पर सीलो की यूनिट नंबर एक की लाइन से एक हाइवा में ड्राइ ऐश कलेक्ट किया गया. एमडी ने पूरे संयंत्र का निरीक्षण किया. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा परियोजना के विस्तार के लिए सीलो सिस्टम की यूनिट एक लाइन को शीघ्र चालू करने का निर्देश दिया था, जो प्रबंधन ने पूरा किया. इसके साथ, कई अन्य छोटे छोटे मानक भी परियोजना में स्थापित किये गये हैं. इटीपी व एसटीपी का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है. मौके पर डीजीएम अशोक प्रसाद, ईएसई आशीष कुमार शर्मा, नीरज कुमार, सर्वेश प्रसाद, धीरेंद्र प्रसाद, प्रदीप डुंगडुंग, ईईई नेहालुद्दीन अंसारी, एस पाहन, एजेंसी के दिनेश कुमार, जावेद अली, एसएन शुक्ला, आरडी साहू, सीआईएसएफ के डीसी, इंस्पेक्टर आदि थे.
तीन साल से शिथिल चल रहा था काम :
तीन साल से सीलो सिस्टम का निर्माण शिथिल था. एमडी अनिल कुमार शर्मा ने इसे गति देने का काम किया. सीलो सिस्टम निर्माण में असैनिक विभाग के अधिकारी दिन रात जुटे रहे. द इंदौर प्राइवेट लिमिटेड नयी दिल्ली की एजेंसी ने इसका निर्माण किया है.संयंत्र में तीन हजार एमटी ड्राई फ्लाई ऐश स्टोरेज की है क्षमता
सीलो सिस्टम के दोनों टैंक में तीन हजार एमटी ड्राई फ्लाई ऐश स्टोरेज की क्षमता है. दोनों में डेढ़ हजार एमटी ऐश का भंडारण होगा. दोनों यूनिट के सीलो सिस्टम से रोजाना तीन हजार एमटी छाई का एक्सपोर्ट होगा. इस तरह, छाई डैम में भार नहीं के बराबर हो जायेगा और प्रदूषण शून्य हो जायेगा. ड्राई ऐश के एक्सपोर्ट के लिए एजेंसी चयनितवर्तमान में ड्राई ऐश की काफी डिमांड है. सीमेंट फैक्ट्रियों, ऐश ब्रिक व पेवर ब्लॉक की फैक्ट्रियों में इसका उपयोग होता है. एक्सप्रेस वे सड़क निर्माण में अंदर लेयर के लिए ड्राई फ्लाई ऐश की डिमांड है. सीलो सिस्टम चालू होने के साथ ही इससे कलेक्ट के लिए एजेंसी या एक्सपोर्टर चयन कर ऑर्डर दे दिया गया है. हजारीबाग, रांची आदि के एजेंसियों को यह कार्य दिया गया है.
परियोजना विस्तार के लिए जरूरी था सीलो सिस्टम : एमडी
टीवीएनएल के एमडी अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि टीटीपीएस में सीलो सिस्टम को यूनिट एक से जोड़ लाइन चालू कर ली गयी है. प्रोजेक्ट विस्तार के लिए यह जरूरी था. ईटीपी, एसटीपी, एडब्लूआरएस का निर्माण भी जल्द पूरा कर लिया जायेगा. छोटे-छोटे कई प्रदूषण नियंत्रण मानक स्थापित कराये गये हैं. प्रबंधन वर्तमान यूनिटों की बेहतरी के साथ विस्तारीकरण के लिए जरूरी हर मानक स्थापित करने पर गंभीरता से पहल करते हुए आगे बढ़ रहा है. इस उपलब्धि से नयी दिल्ली को जल्द सूचित करेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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