Bokaro News : हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है आमताल की रामनवमी पूजा

Updated at : 17 Mar 2026 12:03 AM (IST)
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Bokaro News : हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है आमताल की रामनवमी पूजा

Bokaro News : चास के आमताल में रामनवमी पूजा का आयोजन एकता की मिसाल है.

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चास प्रखंड के पिंड्राजोरा क्षेत्र में कहीं 70, तो कहीं 44 साल से रामनवमी पूजा का आयोजन हो रहा है. आमताल काशीझरिया स्थित बजरंगबली मंदिर में वर्ष 1982 से पूजा हो रही है. यहां का आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है. कमेटी व ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1982 में टुपरा गांव में आयोजित यज्ञ के बाद भगवान बजरंगबली की मूर्ति आमताल में एनएच 32 के किनारे मंदिर का शेड बनाकर स्थापित की गयी थी. इसी वर्ष रामनवमी के दिन झंडा गाड़ कर ग्रामीणों द्वारा मंदिर बनाने का संकल्प लिया गया था. वर्ष 1993 में मंदिर के लिए कर्मकार परिवार द्वारा पान बाबू अंसारी के परिवार द्वारा 15 डिसमिल जमीन दान दी गयी थी. हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिल कर यहां अखाड़ा में लाठी खेलते हैं.

दूसरी ओर चाकुलिया गांव में 70 साल से रामनवमी पूजा हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार जो भी चाकुलिया स्थित बजरंगबली मंदिर में सच्चे मन से मनोकामना मांगते हैं, वह पूर्ण होती है. पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है.

क्षेत्र में 17 जगह से निकलता है जुलूस

क्षेत्र के काशीझरिया आमतल, संथालडीह एनएच 32, नारायणपुर, जाला, घटियाली, मोहनडीह, कुरमा, बारपोखर, सोनाबाद, अलकडीह, कांड्रा, ओलगाड़ा सहित कुल 17 गांवों से बजरंगबली झंडा के साथ रामनवमी का जुलूस निकाला जाता है.

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JANAK SINGH CHOUDHARY

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