सुरक्षित कुआं-सुरक्षित वन्यजीव : हम ऐसा कोई कुआं नहीं छोड़ें, जो किसी बेजुबान की आखिरी मंजिल बन जाए

Updated:
विज्ञापन
बोकारो | Prabhat Khabar Network

बोकारो | Prabhat Khabar Network

बोकारो डीसी अजय नाथ झा ने खुले कुओं से वन्यजीवों को बचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है. आइए बेजुबान जानवरों की जान बचाने का संकल्प लें.

विज्ञापन

वरीय संवाददाता, बोकारो

डीसी बोकारो अजय नाथ झा ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर "सुरक्षित कुआं-सुरक्षित वन्यजीव " विषय पर एक भावपूर्ण संदेश साझा किया है. उन्होंने खुले कुओं से वन्यजीवों को होने वाले खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से ऐसे सभी कुओं को सुरक्षित बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने अपने संदेश में लिखा है : "हम ऐसा कोई कुआं नहीं छोड़ें जो किसी बेजुबान की आखिरी मंजिल बन जाए." कभी-कभी किसी बेजुबान की मृत्यु हमें वह सिखा जाती है, जो अनेक पुस्तक और दर्शन भी नहीं सिखा पाते. 27 मई 2025 को बोकारो ज्वाइन करने पर आईएफएस संदीप शिंदे ने बताया : 24 जनवरी 2025 को गोमिया के गोपो गांव में एक किशोर हाथी रात के अंधेरे में भागते हुए एक खुले कुएं में गिर गया था और वह फिर कभी बाहर नहीं आ सका. अगली रात उसका पूरा झुंड उसी स्थान पर लौटा. वनकर्मियों ने बताया : वे देर तक वहीं खड़े रहे. मानो अपने साथी को अंतिम विदाई दे रहे हों. कुछ महीनों बाद यही झुंड बदल गया. उसका व्यवहार बदल गया. मानव–वन्यजीव संघर्ष बढ़ा. बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग सहित कई जिलों में अनेक परिवारों ने अपनों को खोया. एक दिन पहले फिर एक दर्दनाक समाचार मिला. कसमार के हरनाद गाँव में एक हिरण भी खुले कुएँ में गिरकर अपनी जान गंवा बैठा. सोचिए…जिस कुएँ से किसी घर की, खेतों की प्यास बुझती है, वही यदि किसी बेजुबान के लिए मौत का कारण बन जाए, तो क्या हम उसे सुरक्षित नहीं बना सकते ? जंगली जानवर हमारे गांवों में लड़ने नहीं आते. वे भी भयभीत होते हैं. रात के अंधेरे में शोर और रोशनी से बचने की कोशिश करते हुए उन्हें खुला कुआँ दिखाई नहीं देता. एक छोटी-सी मुंडेर…एक मजबूत घेरान…या एक सुरक्षित ढक्कन…किसी हाथी, हिरण या अन्य वन्यजीव के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकता है. इसी सोच के साथ दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर, जल–जंगल–जमीन और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के उनके जीवन-दर्शन को विनम्र श्रद्धांजलि स्वरूप, बोकारो जिला प्रशासन "सुरक्षित कुआं – सुरक्षित वन्यजीव" अभियान का शुभारंभ कर रहा है. विशेष रूप से गोमिया और पेटरवार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बिना मुंडेर वाले खुले कुओं का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी बेजुबान वन्यजीव की जान ऐसी दुर्घटनाओं में न जाए. यह केवल वन्यजीव संरक्षण का अभियान नहीं है. यह हमारी संवेदना का अभियान है. यह उस विश्वास का अभियान है कि इस धरती पर जीने का अधिकार केवल मनुष्य का ही नहीं, उन सभी जीवों का भी है जो अपनी पीड़ा शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते. डीसी बोकारो अजय नाथ झा ने कहा : आइए संकल्प लें :"हम ऐसा कोई कुआं नहीं छोड़ेंगे जो किसी बेजुबान की आख़िरी मंज़िल बन जाए. एक मुंडेर बनाएं एक जीवन बचाएं. सुरक्षित कुआं – सुरक्षित वन्यजीव.


विज्ञापन
Sunil Kumar Tiwari

लेखक के बारे में

By Sunil Kumar Tiwari

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola