बीएसएल सहित सेल की अन्य इकाइयों में हो रही है जूनियर ऑफिसर परीक्षा-2022 की चर्चा

Updated at : 29 Jun 2024 11:25 PM (IST)
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बीएसएल सहित सेल की अन्य इकाइयों में हो रही है जूनियर ऑफिसर परीक्षा-2022 की चर्चा

प्रमोशन घोटाला. सोशल मीडिया पर छाया मामला, रोज नये मामले आ रहे हैं सामने

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बोकारो. बोकारो स्टील प्लांट सहित सेल की अन्य इकाइयों में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा जूनियर ऑफिसर परीक्षा-2022 की हो रही है. मामला तूल पकड़ रहा है. परीक्षा से जुड़ी रोज नयी-नयी बातें सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया पर भी यह मामला छाया हुआ है. प्लांट के अंदर व शहर के चौक-चौराहे पर इसी की चर्चा हो रही है. सभी यह जानने को उत्सुक हैं कि अब आगे क्या आगे कौन-कौन… ज्ञात हो कि मामले में बीएसएल के 16 कर्मियों के अलावा बेसिल के कुछ अधिकारियों पर भी सीबीआइ ने केस दर्ज किया है.

प्रमोशन के लिए हुई परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का है आरोप

बीएसएल में प्रमोशन के लिए हुई परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली को लेकर सीबीआई की टीम ने छापेमारी भी की है. परीक्षा लेनेवाले सरकारी उपक्रम ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बेसिल) के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है. उसके बाद से ही यह मामला सुर्खियों में है. कर्मियों की प्रोन्नति के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा की जिम्मेवारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मिनी कंपनी ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट इंडिया लिमिटेड (बीइसीआइएल) को सौंपी गयी थी.

जांच व कार्रवाई के लिए इस्पात मंत्रालय के डायरेक्टर (विजिलेंस) ने किया था आग्रह

जूनियर ऑफिसर परीक्षा-2022 में हुई गड़बड़ी की आरंभिक सूचना पर इस्पात मंत्रालय ने आंतरिक विजिलेंस से जांच करायी. जांच में परीक्षा में गड़बड़ी, अयोग्य कर्मियों की प्रोन्नति व गोरखधंधे में बीइसीआइएल की स्पष्ट संलिप्तता उजागर हुई. इसके बाद इस्पात मंत्रालय के डायरेक्टर (विजिलेंस) नीरज अग्रवाल ने इस मामले में सीबीआइ डायरेक्टर को पत्र लिखकर विस्तृत जांच व कार्रवाई का आग्रह किया. डायरेक्टर के आग्रह पर धनबाद सीबीआइ ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जांच शुरू की है.

क्या कहते हैं एनजेसीएस नेता

बोकारो इस्पात कामगार यूनियन एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि जूनियर अधिकारी-2022 की परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर बोकारो के डायरेक्टर प्रभारी के साथ डायरेक्टर कार्मिक निगमित कार्यालय नई दिल्ली, सेल चेयरमैन, इस्पात मंत्रालय तक को सूचना दी गयी थी. मांग की गयी थी कि दोषी अधिकारी हो या मजदूर या परीक्षा लेने वाली एजेंसी, उसे सजा मिलनी चाहिए. किसी का पक्ष नहीं लिया जाये, दोषी दंडित हों.

नन एनजेसीएस नेता ने कहा

जनता मजदूर सभा के अध्यक्ष साधु शरण गोप ने कहा कि कर्मचारी से जूनियर ऑफिसर बनने के प्रक्रिया की जांच का स्वागत है. जांच दोषी पर करवाई के लिए होनी चाहिए, ना कि गड़बड़ी को सही होने का प्रमाण देने के लिए. रिज़ल्ट में हुई गड़बड़ी को लोगों ने देखा था. जांच भी हुई, लेकिन करवाई की किसी को जानकारी नहीं है. यह गलत है. जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई भी हो.

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