37 दिनों तक तड़पा और फिर हारा जिंदगी की जंग, गुमला में आग से जले बुजुर्ग की मौत, बहन का बड़ा आरोप

Edited by Sameer Oraon
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नानू मिंज की फाइल फोटो

Gumla Murder Mystery: गुमला के बसिया में 37 दिन पहले पुआल में जलने वाले नानू मिंज की इलाज के दौरान मौत हो गयी. बहन ने लिव-इन पार्टनर पर आग लगाकर दरवाजा बाहर से बंद करने का आरोप लगाया है.

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Gumla Murder Mystery, गुमला, (दुर्जय पासवान): गुमला स्थित बसिया थाना क्षेत्र के लोंगा गांव में हुई एक दर्दनाक और रहस्यमय घटना ने आखिरकार मौत का रूप ले लिया. 51 वर्षीय नानू मिंज की सोमवार सुबह करीब 10 बजे सदर अस्पताल गुमला में इलाज के दौरान मौत हो गयी. वह पिछले 37 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था. उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं.

पुआल के ढेर में लग गयी थी आग

जानकारी के अनुसार सात फरवरी की शाम नानू मिंज अपने घर में रखे पुआल के ढेर पर सोया हुआ था. इसी दौरान अचानक पुआल में आग लग गयी और यह पल भर में ही विकराल रूप धारण कर लिया. उस समय वह घर के अंदर फंसा हुआ था और दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण नहीं निकल सका. घर से धुआं उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला. तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था.

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37 दिनों से चल रहा था अस्पताल में इलाज

ग्रामीणों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसिया ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देखते हुए उसे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया. करीब 37 दिनों तक अस्पताल में उसका इलाज चला. डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रांची स्थित रिम्स ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिजन उसे वहां नहीं ले जा सके.

बहन ने लगाया चौंकाना वाला आरोप

नानू की मौत के बाद उसकी बहन फगनी उरांव ने चौंकाने वाला आरोप लगाया है. उसने पुलिस को दिये बयान में कहा कि उसके भाई के साथ लिव-इन में रह रही मूक-बधिर महिला अरुणा तिर्की ने ही पुआल में आग लगाकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था. घटना के बाद वह फरार हो गयी. बताया जाता है कि नानू पिछले एक साल से गांव में उसी महिला के साथ रह रहा था.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

इधर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण वे नानू को रिम्स नहीं ले जा सके और अस्पताल की ओर से भी कोई विशेष मदद नहीं मिली. इस घटना के बाद एक ओर जहां हत्या की आशंका जताई जा रही है, वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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