ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को फिर लिखी चिट्ठी, कहा- तृणमूल के बागियों को न दें और समय, जांच करें तेज

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी.

TMC Split Dispute: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से TMC के नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर जांच जल्द खत्म करने की मांग की है. चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ने बागी गुट को और समय न देने की अपील की है. पढ़ेंपूरी रिपोर्ट.

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पश्चिम बंगाल में लगातार 15 साल तक शासन करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और सांगठनिक नियंत्रण को लेकर छिड़ी जंग जारी है. इस बीच पार्टी की संस्थापक और बंगाल की पूर्व चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के सचिव अश्विनी कुमार मोहाल को एक पत्र लिखा है. इसमें ममता बनर्जी ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर चल रही जांच प्रक्रिया तेज करने की मांग की है. उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि बागी (प्रतिद्वंद्वी) गुट को अपना जवाब दाखिल करने के लिए अब और समय न दिया जाये.

ममता गुट ने समय पर आयोग को भेजा था अपना जवाब

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में टाइमलाइन के साथ आयोग को याद दिलाया है कि 2 जुलाई के निर्देश के बाद उनके गुट ने तय समयसीमा (6 जुलाई) के भीतर ही अपना विस्तृत जवाब आयोग को सौंप दिया था. इसके विपरीत, प्रतिद्वंद्वी गुट (रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े) ने बार-बार समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया. आयोग ने पहले इसे 10 जुलाई और फिर 15 दिन का अतिरिक्त समय देते हुए अंतिम समयसीमा 25 जुलाई तय की थी.

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25 जुलाई के बाद कोई जानकारी नहीं

तृणमूल प्रमुख ने आयोग को लिखे अपने पत्र में कहा है कि 25 जुलाई की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी आयोग द्वारा उन्हें यह जानकारी नहीं दी गयी है कि बागी गुट ने अपना जवाब दाखिल किया है या नहीं. न ही उन्हें किसी उत्तर की प्रति दी गयी है. ममता ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बागी धड़ा निर्धारित समयसीमा में अपना जवाब दाखिल करने में विफल रहा. इसलिए अब उन्हें और अवसर देना अनुचित होगा.

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पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ रहा असर : ममता

ममता बनर्जी ने आयोग को सचेत करते हुए कहा कि इस मामले के पश्चिम बंगाल की राजनीति पर गंभीर और दूरगामी प्रभाव पड़ रहे हैं. उन्होंने लिखा कि न्याय प्रक्रिया में विश्वास बना रहना बेहद आवश्यक है, और यदि 25 जुलाई के बाद भी बागी धड़े को कोई और मौका दिया गया, तो आयोग की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा डगमगा सकता है. उन्होंने चुनाव आयोग से मामले की जांच तुरंत समाप्त कर अंतिम निर्णय देने की अपील की है.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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