Bokaro News : अस्तित्व में आयेंगी पांच नयी कोल वाशरी

Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 08 Sep 2025 11:12 PM

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Bokaro News : सीसीएल में सालाना 14.5 मिलियन टन क्षमता वाली पांच नयी कोल वाशरी जल्द अस्तित्व में आयेंगी.

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राकेश वर्मा, बेरमो, सीसीएल में सालाना 14.5 मिलियन टन क्षमता वाली पांच नयी कोल वाशरी जल्द अस्तित्व में आयेंगी. ग्लोबल कोल माइंस नामक निजी कंपनी करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से कथारा में पुरानी वाशरी के निकट नयी वाशरी का निर्माण करेगी. इसकी क्षमता सालाना तीन मिलियन टन होगी. कथारा एरिया की स्वांग वाशरी भी 50 साल पुरानी हो चुकी है. इसकी उत्पादन क्षमता .75 मिलियन टन थी, जिसे अब घटा कर .2 मिलियन टन कर दिया गया है. स्वांग में भी इस वाशरी के स्थान पर सालाना 1.5 मिलियन वॉश्ड कोल क्षमता की वाशरी बनेगी. इसके अलावा ढोरी में तीन मिलियन टन, न्यू केदला में चार तीन मिलियन टन और रजरप्पा में तीन मिलियन टन क्षमता वाली वाशरी बनेगी.

करगली में भी नयी वाशरी लगाने की है योजना

बीएंडके एरिया की बंद करगली कोल वाशरी के स्थान पर भी एक नयी वाशरी लगाने की योजना है. सीसीएल मुख्यालय के वाशरी प्रबंधन का मानना है कि इसके लिए यहां सारा इंफ्रास्ट्रक्चर है. बगल की कोलियरियों से कोयला भी मिल जायेगा. जमीन भी उपलब्ध है. मालूम हो कि वर्ष 2020 में सुरक्षा का हवाला देते हुए इस वाशरी को बंद कर दिया गया था.

मिशन कोकिंग कोल प्लान का हिस्सा है यह

कोयला मंत्रालय ने इस्पात क्षेत्र की मांग के अनुमान को ध्यान में रखते हुए मिशन कोकिंग कोल शुरू किया है. इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक घरेलू कच्चे कोकिंग कोल उत्पादन को 140 मीट्रिक टन तक बढ़ाना है. बीसीसीएल और सीसीएल की पुरानी कई वाशरियों के आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार के साथ नयी कोकिंग वाशरी बनाने की योजना है. कोयला मंत्रालय ने निजी क्षेत्र को 14 कोकिंग कोल ब्लॉक दिया है. इनमें से वर्ष 2028-29 तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है. वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन करने के लिए बडे़ पैमाने पर कोकिंग कोल की जरूरत पड़ेगी.

दुगदा कोल वाशरी को जिंदल कंपनी चलायेगी

चार साल से बंद बीसीसीएल की दुगदा कोल वाशरी को जिंदल कंपनी चलायेगी. 30 साल के लिए लीज पर दिया गया है. जल्द ही इस वाशरी के चालू होने की उम्मीद है. कोल इंडिया से कंपनी का एग्रीमेंट सालाना दो मिलियन टन उत्पादन का है, जबकि कंपनी इसे सालाना चार मिलियन टन तक ले जायेगी. प्रबंधन सूत्रों के अनुसार जिंदल कंपनी ने दो साल का रेंट करीब 40-42 करोड़ रुपया तथा बैंक गांरटी 50- 52 करोड़ रुपया कोल इंडिया में जमा कर दिया है. राज्य सरकार से भी कुछ अनुमति लेना बाकी है. मालूम हो कि बीसीसीएल ने अपनी चार कोल वाशरियों को लीज पर निजी स्टील प्लांटों को देने का निर्णय लिया था. इसमें दुगदा के अलावा मधुबन, महुदा और सुदामडीह कोल वाशरी शामिल हैं. महुदा और सुदामडीह कोल वाशरी को लीज पर देने की प्रक्रिया प्रोसेस में है. मधुबन कोल वाशरी में फिलहाल कुछ लैंड इश्यू है.

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