ePaper

बोकारो : बेरमो में हाथियों के कुचले जाने से वृद्ध की मौत, दो महीने में हुई चौथी मृत्यु

Updated at : 19 Apr 2024 11:17 AM (IST)
विज्ञापन
बोकारो : बेरमो में हाथियों के कुचले जाने से वृद्ध की मौत, दो महीने में हुई चौथी मृत्यु

इलाके में हाथियों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. बीते फरवरी महीने में भी तीन लोगों की हाथियों द्वारा कुचले जाने से मौत हो गई थी. हाथियों के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

विज्ञापन

महुआटांड़(बेरमो), रामदुलार पंड़ा : जगेश्वर बिहार थाना क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने कुचल कर 64 वर्षीय वृद्ध लहरू महतो की मौत हो गई. यह घटना तेनुघाट वन प्रक्षेत्र के तिलैया जंगल में मुख्य सड़क के किनारे हाथियों की चपेट में आने से आने से हुई. घटना शुक्रवार की प्रातः सवा पांच बजे की है, जब रोजाना की तरह लहरू जंगल पहुंचा था. बताया गया कि वह महुआ चुनने और पलहा लेने जंगल आया था. यह घटना तिलैया रेलवे गेट से 500 मीटर पहले तिलैया सड़क के किनारे जंगल में हुई.

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर जुटी भीड़

घटना की सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. जगेश्वर बिहार थाना प्रभारी कांति विलास, अविनाश, मुखिया चिंता देवी पहुंचे. वन विभाग कर्मी नेहरू प्रजापति भी पहुंचे. उन्होंने प्रावधान के तहत मृतक के आश्रित को चार लाख रुपए मुआवजा मिलने की बात कही. पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को तेनुघाट भेज दिया. वहीं, घटना से मृतक की पत्नी मुरली देवी और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. विदित हो कि पिछले 55 दिनों में हाथी हमले के कुल चार लोगों की मौत इलाके में हुई है. इससे ग्रामीणों के माथे पर सिकन है. जान माल की क्षति की आशंका को लेकर लोग डरे सहमे रहने को विवश हैं.

25 फरवरी को एक दिन में तीन मौतें

इससे पहले बीते 25 फरवरी को अपने झुंड से बिछड़े एक हाथी ने तीन ग्रामीणों को कुचल कर मार डाला था. चैलियाटांड़(तुलबूल) में सुहानी हेंब्रम(24), बांग्लाटांड़(कोदवाटांड़) में शानू मुर्मू(64) तथा बैंक मोड़ तुरी टोला निवासी मंजरी देवी(61) की इस हादसे में मौत हो गई थी.

मैन पॉवर बढ़ाए और सक्रियता दिखाए वन विभाग

घटना के जानकारी मिलने के बाद तिलैया की मुखिया चिंता देवी ने गहरी शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने वन विभाग के क्रियाकलापों पर भी सवाल उठाए. मुखिया ने कहा कि वन विभाग की निष्क्रियता के कारण घटनाएं हो रही हैं. हाथी झुंड पर नजर नहीं रखने और ग्रामीणों को सूचनाएं नहीं देने के कारण घटनाएं बढ़ रही है. चाहे जान का नुकसान हो या फिर फसलों, घरों को क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं. उन्होंने कहा कि विभाग में मैन पॉवर की भी भारी कमी दिखती है. जिसे दूर करने की आवश्यकता है. उन्होंने विभाग से अविलंब मृतक के आश्रित को मुआवजा भुगतान करने की मांग भी की.

Also Read : रोरिया जंगल में लगी आग को ग्रामीणों ने बुझाया

विज्ञापन
Kunal Kishore

लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola