Bokaro News: 25 लाख की लागत से बना दनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर हुआ जर्जर, ग्रामीण परेशान

दनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर
Bokaro News: जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत तिलैया पंचायत के आदिवासी बहुल क्षेत्र दनिया अवस्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की हालत काफी दयनीय हो चुकी है. जमीन मे दरारें आ गयी है, खिड़की-दरवाजे के शीशे भी टूट गये हैं. मरीजों के बैठने के लिए जगह तक नहीं है.
Bokaro News | गोमिया, नागेश्वर: बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत तिलैया पंचायत के आदिवासी बहुल क्षेत्र दनिया अवस्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की हालत काफी दयनीय हो चुकी है. जमीन में दरारें आ गयी है, खिड़की-दरवाजे के शीशे भी टूट गये हैं. मरीजों के बैठने के लिए जगह तक नहीं है. अस्पताल के चारों ओर लंबे-लंबे घास उग गये हैं. देख कर लगता ही नहीं है कि यह एक स्वास्थ्य केंद्र है. इस परिस्थिति में इलाज कराने के लिए आने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
क्षेत्र में आधा दर्जन आदिवासी गांव
केंद्र में एक एएनएम और एक स्वास्थ्य कर्मी आते हैं. इसके अलावा एक आयुष के डॉक्टर हैं जो प्रत्येक बुधवार को मरीज को देखने के लिए आते हैं. यहां एक हेल्थ वर्कर पूर्व से था, जिसका स्थानांतरण हो गया है. दनिया क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन आदिवासी गांव है. इन सभी गांवों के ग्रामीणों के स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक मात्र यही अस्पताल है. वहीं बेहतर स्वास्थ्य की जांच के लिए रामगढ़ ही एक क्षेत्र है, जो दनिया से लगभग 50 किलोमीटर दूर है. इतनी दूर जाना सभी ग्रामीणों के संभव नहीं है.
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25 लाख की लागत से बना था स्वास्थ्य केंद्र
झारखंड सरकार के द्वारा आदिवासियों और पिछड़े लोगों के इलाज के लिए वर्ष 2010-12 में लगभग 25 लाख रुपए की लागत से स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था. ग्रामीणों का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के समय काफी अनियमितता बरती गयी थी. क्षेत्र के ग्रामीणों ने बोकारो के उपायुक्त से स्वास्थ्य केंद्र को बेहतर बनाने की मांग की है.
स्वास्थ्य विभाग लापरवाह
पंचायत की मुखिया चिंता देवी ने कहा तिलैया पंचायत का दनिया क्षेत्र काफी पिछड़ा क्षेत्र है. यहां स्वास्थ्य केंद्र काफी जर्जर अवस्था में है. इस संबंध में प्रखंड को लगातार जानकारी और रिपोर्ट दी गयी है. लेकिन, अस्पताल की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई पहल नहीं किया जा रहा है.
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By Dipali Kumari
नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.
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