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चिन्मय विद्यालय बना नाबेट एक्रिडिटेड राज्य का पहला स्कूल

Updated at : 15 Jun 2024 1:57 AM (IST)
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चिन्मय विद्यालय बना नाबेट एक्रिडिटेड राज्य का पहला स्कूल

प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त करना विद्यालयों के लिए शान का विषय

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प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त करना विद्यालयों के लिए शान का विषय

वरीय संवाददाता, बोकारो.

संपूर्ण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली के लिए चिन्मय विद्यालय बोकारो को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (नाबेट) से एक्रिडिटेशन मिला है. चिन्मय विद्यालय बोकारो नाबेट से एक्रिडिटेशन प्राप्त करने वाला झारखंड का पहला स्कूल बन गया है. यह ऐतिहासिक मान्यता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकरणीय मानकों के प्रति विद्यालय की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है. सीबीएसइ ने चिन्मय विद्यालय बोकारो को न्यू जनरेशन ऑफ स्कूल भी घोषित किया है.

ये बातें चिन्मय विद्यालय बोकारो के प्राचार्य सूरज शर्मा ने शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन में कही.

भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआइ) की एक शाखा है नाबेट :

विद्यालय समिति के अध्यक्ष सह चिन्मय एजुकेशन सेल के पूर्व क्षेत्र के निदेशक विश्वरूप मुखोपाध्याय ने कहा : नाबेट भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआइ) की एक शाखा है, जो भारत सरकार के तत्वावधान में काम करती है. नाबेट से मान्यता चिन्मय विद्यालय के उच्च शैक्षिक और परिचालन मानकों के पालन का एक शक्तिशाली समर्थन है. स्कूल उत्कृष्टता की ओर बढ़ते हुए उन मूल्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके कारण प्रतिष्ठित मान्यता मिली है.

सम्मान प्राप्त करने वाला झारखंड का पहला स्कूल होने पर बेहद गर्व :

विद्यालय समिति के सचिव महेश त्रिपाठी ने कहा : नाबेट द्वारा हमारी मान्यता चिन्मय विद्यालय बोकारो के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह मान्यता शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए हमारे अथक प्रयास और हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित, सहायक और उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह सम्मान प्राप्त करने वाले झारखंड के पहले स्कूल होने पर हमें बेहद गर्व है.

नाबेट मान्यता नवीन शिक्षण पद्धतियों व निरंतर सुधार प्रक्रियाओं का प्रमाण :

चिन्मया मिशन बोकारो की आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती ने कहा : विद्यालय शैक्षिक नवाचार, छात्र-केंद्रित शिक्षा और समग्र विकास के लिए प्रयास करना जारी रखेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह झारखंड और उसके बाहर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतीक बना रहे. चिन्मय विद्यालय बोकारो की प्रभारी-मानव संसाधन विभाग सुप्रिया चौधरी ने कहा : नाबेट मान्यता स्कूल के मजबूत बुनियादी ढांचे, नवीन शिक्षण पद्धतियों और निरंतर सुधार प्रक्रियाओं का प्रमाण है. प्रेसवार्ता में विद्यालय समिति के कोषाध्यक्ष आरएन मल्लिक व उप-प्राचार्य नरमेंद्र कुमार भी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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