चंद्रपुरा थर्मल प्लांट में मजदूरों की भूख हड़ताल शुरू, लंबा चलेगा आंदोलन

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :22 Apr 2026 2:55 PM (IST)
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Bokaro News

बोकारो के चंद्रपुरा में डीवीसी थर्मल पावर प्लांट में भूख हड़ताल पर बैठे मजदूर. फोटो: प्रभात खबर

Bokaro News: चंद्रपुरा थर्मल प्लांट में 66 मजदूरों ने नियमित काम की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की. मजदूरों का आरोप है कि उन्हें 26 दिन के बजाय केवल 13 दिन काम दिया जा रहा है. आंदोलन के कारण प्लांट का सफाई कार्य प्रभावित हुआ है और प्रबंधन पर दबाव बढ़ रहा है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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चंद्रपुरा से विनोद सिन्हा की रिपोर्ट

Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले में दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन के सीएचपी सेक्शन अंतर्गत वैगन ट्रिपलर में कार्यरत सफाई मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. 66 मजदूर प्लांट गेट पर धरने पर बैठ गए हैं और नियमित काम उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं. इस आंदोलन से प्लांट परिसर में हलचल तेज हो गई है.

भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन

यह आंदोलन भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ के बैनर तले चलाया जा रहा है. आंदोलन के पहले दिन संघ के नेता सह जिला परिषद सदस्य अजय महतो भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने मजदूरों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उन्हें डटे रहना चाहिए. उन्होंने प्रबंधन से जल्द समाधान निकालने की भी अपील की.

20 वर्षों से सेवा के बावजूद काम में कटौती का आरोप

मजदूर नेताओं दिव्य चरण सिंह, ब्रह्मदेव महतो, संजय कुमार महतो, मिथिलेश साव और जितेंद्र महतो ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से प्लांट में सेवा दे रहे हैं. इसके बावजूद वर्ष 2018 से उन्हें प्रतिमाह केवल 13 दिन ही काम दिया जा रहा है. जबकि नियम के अनुसार उन्हें 26 दिन काम मिलना चाहिए. इस कटौती के कारण मजदूरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

आर्थिक संकट से जूझ रहे मजदूर परिवार

मजदूरों ने बताया कि हर महीने आधे दिन काम मिलने से उनकी आय पर गंभीर असर पड़ा है. इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. मजदूरों का कहना है कि वे वर्षों से मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है.

प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप

मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने पहले इस मुद्दे पर बातचीत कर नियमित काम देने का आश्वासन दिया था. लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इस वादाखिलाफी से मजदूरों में आक्रोश है, जिसके चलते उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया है.

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प्रबंधन की स्थिति पर टिकी है नजर

मजदूरों के आंदोलन में जाने से वैगन ट्रिपलर में सफाई कार्य प्रभावित हुआ है. इससे प्लांट संचालन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. मजदूरों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं प्रबंधन और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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