चास, चास पुराना बाजार स्थित बड़ा दुर्गा मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर, आइटीआई दुर्गा मंदिर, जोधाडीह मोड़ दुर्गा मंदिर, चेकपोस्ट दुर्गा मंदिर, पत्थरकट्टा साइड, कुम्हरी, सोलागीडीह, कालापत्थर, पुपुनकी सहित चास शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य मंदिरों में सोमवार को नवपत्रिका आगमन के साथ बांग्ला विधि-विधान से दुर्गा पूजा शुरू हो गया. पुराना बाजार में भोलूर बांध से नवपत्रिका आगमन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं का भीड़ उमड़ पड़ा. लोग भोलूर बांध से कलश में जल भरकर जयकारा व झूमते-गाते मंदिर पहुंचे. सैकड़ों महिला-पुरुष दंडवत करते मंदिर पहुंचे. बारी आगमन के दौरान महिलाएं अपने-अपने घर की द्वार पर खड़ी होकर मां दुर्गा के स्वागत शंखनाद व आरती से किया. बारी आगमन में मंदिर के सेवादार सिद्धार्थ दे, दीपक दे, नेपाल दे, अनाथ बंधु दे, गोपाल दे, दिलीप दे, अमर स्वर्णकार, राजू मोदक, लक्ष्मीकांत पाल, बंकू बिहारी सिंह, पन्नालाल कांदू, अर्जुन आचार्य, विमल स्वर्णकार, विकास मोदक, देबू पाल, भक्ति सिंह, झंटू दे, अर्जुन स्वर्णकार, राजेश घोषाल, जितेन, दिलीप सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे.
जरीडीह के सभी पूजा-पंडालों में रही भीड़
जैनामोड़, शारदीय नवरात्र की महासप्तमी को नवपत्रिका प्रवेश के बाद सोमवार को मां दुर्गा का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. पट खुलते ही जरीडीह के सभी पूजा-पंडालों में माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही. इधर महासप्तमी के दिन सभी पूजा पंडालों में आचार्यों ने मंत्रोच्चारण के साथ मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि का पूजन कराया. सभी पूजा पंडालों में आकर्षक विद्युत साज सज्जा के सजावट से संपूर्ण मंदिर स्थल जगमग हो उठा है. ध्वनि विस्तारक यंत्र से बजने वाले मां की भक्ति से पूरा क्षेत्र गुंजायमान है.
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