Bokaro News : धरातल पर नहीं उतरी जलापूर्ति योजनाएं, तरस रहे लोग

Bokaro News : चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत भोजूडीह, फतेहपुर व प्रखंड मुख्यालय स्थित ग्रामीण जलापूर्ति योजना की स्थिति बदहाल, कई योजना वर्षों से बंद, तो कई में नियमित नहीं होती है जलापूर्ति, करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित.
डीएन ठाकुर, चंदनकियारी, चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत भोजूडीह, फतेहपुर व प्रखंड मुख्यालय स्थित ग्रामीण जलापूर्ति योजना का स्थिति बदहाल है. लोग स्वच्छ जल के लिए जूझ रहे हैं. बता दें कि चंदनकियारी प्रखंड मुख्यालय में पांच महीनों से जलापूर्ति बाधित है. दो करोड़ की लागत से बनी चंदनकियारी ग्रामीण जलापूर्ति योजना से दो पंचायत के 10 हजार आबादी प्रभावित हो रही है. योजना का उद्देश्य चंदनकियारी पूर्वी और पश्चिमी पंचायत क्षेत्र के वासियों को नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करना था, पर योजना में विभिन्न समस्याओं के कारण इसका लाभ उन तक नहीं पहुंच सका. यह योजना वर्ष 2010-11 में धरातल पर उतारी गयी थी, कुछ दिन सुचारू रूप से जलापूर्ति की गयी. इसके बाद वर्ष 2015 के बाद जलापूर्ति नियमित नहीं की गयी.
पानी ढोने व खरीदने को विवश हैं ग्रामीण
जलापूर्ति बाधित रहने से स्थानीय लोग दो किलोमीटर दूर से साइकिल से पानी ढोकर प्यास बुझाने को विवश हैं. ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को शिकायत करने के बावजूद पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ. हैंडपंप, नदी व तालाब पर निर्भर है. दोनों पंचायतों के लोग प्रतिदिन हजारों लीटर पानी खरीदकर पीने को विवश हैं. वहीं गर्मी में जलस्तर घट जाने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है. वहीं प्रखंड के भोजूडीह ग्रामीण जलापूर्ति योजना तीन वर्षों से बंद है. इससे भोजूडीह पूर्वी और पश्चिमी दो पंचायत के लगभग 10 हजार लोग प्रभावित है. वर्ष 2009-10 में योजना स्वीकृति के बाद 2011 में संवेदक द्वारा ग्रामीण जल स्वच्छता समिति को सौंप दी गयी. कुछ समय तक सचारू रूप से संचालन किया गया, पर फिर तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया. इस योजना में दामोदर नदी से जलापूर्ति की जाती थी, नदी का जलस्तर घट जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हो जाती थी. समस्या के समाधान के लिए वर्ष 2023 से इंटेकवेल का निर्माण का टेंडर निकाला गया, तब से इंटेकवेल अब तक बन नहीं पाया है, जिसके कारण जलापूर्ति बाधित है. वहीं तलगड़िया क्षेत्र के फतेपुर जलापूर्ति योजना में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाती है. कभी तकनीकी खराबी के लिए तो कभी अन्य कारणों से महीनों जलापूर्ति बाधित रहती है. इससे 10 हजार की आबादी प्रभावित है.
बोले अधिकारी
चंदनकियारी प्रखंड मुख्यालय स्थित जलापूर्ति योजना संवेदक द्वारा दो साल तक संचालन के बाद नियमानुसार जल स्वच्छता समिति को सौंप दी गयी थी, तब से परेशानी हो रही है. भोजूडीह योजना में दामोदर नदी में घटते जलस्तर के मद्देनजर इंटेकवेल निर्माण कार्य चल रहा है. इंटकवेल बन जाने के बाद जलापूर्ति का सचारू रूप से संचालन होगा. फतेपुर में तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है, समस्या का समाधान निकाला जायेगा.
शैलेंद्र महतो, कनीय अभियंता, पेयजल स्वास्थ्य विभाग, चंदनकियारीप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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