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Bokaro News : धरती को बचाने में अग्रणी भूमिका निभायें पंचायत प्रतिनिधि व मुखिया : डीसी

Updated at : 16 Jul 2025 11:16 PM (IST)
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Bokaro News : धरती को बचाने में अग्रणी भूमिका निभायें पंचायत प्रतिनिधि व मुखिया : डीसी

Bokaro News : पंचायत सम्मेलन में जलवायु वित्त व कॉमन्स शासन पर पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण विषय पर हुई चर्चा.

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बोकारो, पीडीजे, असर व पंच सफर संस्था की ओर से जलवायु वित्त एवं कॉमन्स शासन पर पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण विषय पर पंचायत सम्मेलन का आयोजन किया गया. बुधवार को कैंप टू स्थित जायका हैपनिंग सभागार में आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि उपायुक्त अजय नाथ झा व विशिष्ट अतिथि जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी रजनीश कुमार थे. डीसी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती है, इसका प्रभाव सबसे अधिक स्थानीय स्तर पर देखने को मिलता है. जलवायु का दोहन पूरे विश्व ने किया, पर अब समय आ गया है कि हम सबको मिलकर इस पर सस्टेनेबल एप्रोच अपनाना होगा. धरती बचाने के लिए पहले खुद के भीतर बोध जगाना जरूरी है. यह कार्य अपने लिए नहीं, धरती को बचाने के लिए करना है. पंचायत प्रतिनिधि व मुखिया इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभायें. ग्रामीणों को जागरूक करें, नेतृत्वकर्ता बनें.

उपायुक्त ने सभी मुखिया को संकल्प दिलायी कि एक वर्ष में क्षेत्र में जलवायु संरक्षण व पर्यावरणीय सुधार की दिशा में ठोस कार्य करेंगे. बोकारो को पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनाएंगे. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधि व संस्थाओं से अपील की कि वे स्थानीय स्तर पर प्लान बनाएं. जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें.

पंचायती राज प्रतिनिधि बनें बदलाव के वाहक

उपायुक्त ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था का सबसे बड़ा आधार जन सहभागिता है. जलवायु संरक्षण का वास्तविक समाधान भी यहीं से निकलता है. पंचायत प्रतिनिधि ग्रामसभा की शक्ति का उपयोग कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पौधारोपण, जल संरक्षण, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दें. वन विभाग की ओर से संचालित योजना व कार्यक्रम में भागीदार बनें.

ग्राम सभा की भूमिका अहमः डीएफओ

डीएफओ श्री कुमार ने कहा कि जंगल के संरक्षण एवं विस्तार के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण में ग्राम सभा की भूमिका केवल कानूनी रूप से मान्य ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण से भी जरूरी है. डीएफओ ने कहा कि समस्या भले ही वैश्विक हो, लेकिन इसका सीधा प्रभाव स्थानीय समुदायों पर पड़ता है. इसलिए स्थानीय भागीदारी ही इसका स्थायी समाधान है.

पंचायत प्रतिनिधियों ने अनुभव किये साझा

सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने अनुभव साझा किया. पर्यावरणीय सुधार से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की. विशेषकर जलस्रोतों के पुनर्जीवन, सामुदायिक वन संरक्षण व पारंपरिक कृषि पद्धतियों को पुनर्जीवित करने पर बल दिया. असर संस्था के निदेशक राज्य जलवायु कार्रवाई मुन्ना झा, निदेशक पंच सफर गुलाब चंद्र, सीनियर प्रिंसिपल कंसलटेंट पीडीएजी ओंकार नागवाड़े ने काफ्रेंस ऑफ पंचायत के विकास यात्रा- अब तक की गई कार्रवाई, निष्कर्षों से अवगत कराया. मौके पर सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत, संस्था के अन्य अधिकारी-कर्मी, पंचायत प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND KUMAR UPADHYAY

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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