Bokaro News : प्रभात संगीत से सफल हाेता है जीवन : आचार्य रमेद्रनंद
Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 02 Jan 2026 11:09 PM
Bokaro News : आनंद मार्ग का धर्म महासम्मेलन संपन्न, रावा के कलाकारों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति.
बोकारो, आनंद मार्ग के विश्व स्तरीय धर्म महासम्मेलन का शुक्रवार को समापन हुआ. आनंद मार्ग के केंद्रीय जनसंपर्क सचिव आचार्य रमेद्रनंद अवधूत ने लोगों को बताया कि 7000 वर्ष पूर्व भगवान सदाशिव ने सरगम का आविष्कार कर मानव मन के सूक्ष्म अभिव्यक्तियों को प्रकट करने का सहज रास्ता खोल दिया था. आचार्य रमेद्रनंद ने कहा कि 1982 को देवघर में आनंद मार्ग के प्रवर्तक श्रीश्री आनंदमूर्ति ने प्रथम प्रभात संगीत बंधु हे निये चलो…बांग्ला भाषा में देकर मानव मन को भक्ति उन्मुख कर दिया. 08 वर्ष 01 महीना व 07 दिन में उन्होंने 5018 प्रभात संगीत का अवदान मानव समाज को दिया. प्रभात संगीत के भाव, भाषा, छंद, सूर व लय अद्वितीय व अतुलनीय है. संगीत साधना में तल्लीन साधक को एक बार प्रभात संगीत रूपी अमृत का स्पर्श पाकर अपनी साधना को सफल करना चाहिए. आचार्य ने कहा कि कोई भी मनुष्य जब पूर्ण भाव से प्रभात संगीत के साथ खड़ा हो जाता है, तो रेगिस्तान भी हरा हो जाता है. संगीत व भक्ति संगीत दोनों को ही रहस्यवाद से प्रेरणा मिलती रहती है. जितनी भी सूक्ष्म व दैवी अभिव्यक्तियां हैं, वह संगीत के माध्यम से ही अभिव्यक्त हो सकती है. मनुष्य जीवन की यात्रा विशेषकर आध्यात्मिक पगडंडियां प्रभात संगीत के सूर से सुगंधित हो उठता है. इस दौरान रिनासा आर्टिस्ट एंड राइटर्स एसोसिएशन (रावा) के कलाकारों ने प्रभात संगीत पर आधारित नृत्य व गायन प्रस्तुत किया. कलाकारों का नेतृत्व बीआइटी मेसरा के प्रोफेसर मीनाल पाठक ने किया.
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