BOKARO NEWS : बेरमो अनुमंडल बने हो गये 51 साल, नहीं बना जिला
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 20 Oct 2024 11:07 PM
BOKARO NEWS : बेरमो अनुमंडल बने 51 साल हो गये, लेकिन अभी तक जिला नहीं बन पाया है.
बेरमो. झारखंड का सबसे समृद्ध व खनिज संपदा से परिपूर्ण अविभाजित बिहार में वर्ष 1972 में बनने वाला सबसे पुराना अनुमंडल बेरमो है. करीब 16 लाख की आबादी वाले बेरमो अनुमंडल को जिला बनाने की मांग दशकों से की जा रही है. लेकिन सभी अर्हताएं पूरी करने के बाद भी इसे जिला का दर्जा नहीं मिल सका. लोकसभा व विधानसभा चुनावों के समय पार्टी, प्रत्याशी व नेता इस मांग को पूरा कराने का वादा करते रहे हैं. चुनावी घोषणा पत्रों में भी इसे जगह दी जाती है. लेकिन चुनाव के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है. वर्ष 1975 में गिरिडीह से स्थानांतरित होकर बेरमो अनुमंडल का सृजन छह दिसंबर 1972 को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री केदार पांडेय द्वारा किया गया था. बेरमो अनुमंडल का मुख्यालय 1975 में गिरिडीह से स्थानांतरित होकर तेनुघाट आया. गिरिडीह हजारीबाग जिला से अलग होकर बना था. 1981 में सिविल कोर्ट गिरिडीह से स्थानांतरित होकर तेनुघाट आया. फिलहाल तेनुघाट में स्थायी कोर्ट हो गया है, जिसका उद्घाटन छह दिसंबर 2013 को किया गया था. तेनुघाट में स्थायी उपकारा भी बना. इसके अलावा यहां जवाहर नवोदय विद्यालय तथा डीएवी तेनुघाट सहित अनुमंडलीय अस्पताल भी आया. तेनुघाट में न्यायिक पदाधिकारियों के स्थायी आवास, एसडीओ, डीएसपी का स्थायी आवास, अनुमंडलीय अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस, स्थायी कोषागार, पीएचइडी का स्थायी कार्यालय बने हैं जो जिला बनाने में सहायक साबित होंगे. इसके अलावा बेरमो अनुमंडल में पांच डिग्री कॉलेज, नौ इंटर कॉलेज, एक जवाहर नवोदय विद्यालय, डीएवी के सात स्कूल, 20 उच्च विद्यालय, सिंचाई विभाग का अंचल व प्रमंडल कार्यालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का प्रमंडलीय कार्यालय ,वाणिज्यकर विभाग का कार्यालय भी है. बेरमो अनुमंडल के तेनुघाट में सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित एशिया का सबसे बड़ा अर्थ डैम है. बेरमो अनुमंडल में तीन थर्मल पावर स्टेशन हैं. बीपीटीएस व सीटीपीएस डीवसी का तथा टीटीपीएस राज्य सरकार का है. इसके अतिरिक्त एक कैप्टिव पॉवर प्लांट है, जो फिलहाल बंद है. बेरमो में कोयला का अकूत भंडार है. सीसीएल के तीन क्षेत्र कथारा, बोकारो-करगली और ढोरी एरिया है. इसके अतिरिक्त चार कोल वाशरी कथारा, करगली, स्वांग और दुग्दा में है. इसमें करगली वाशरी बंद हो गया है. गोमिया में सबसे पुराना विस्फोटक कारखाना आइएएल ओरिका है. इसके अलावा एसआरयू भंडारीदह में है. यहां कई पर्यटन स्थल हैं, जिसमें ललपनिया लुगु पहाड़, कसमार के मृगी खोह, ढोरी माता मंदिर, हथिया पत्थर उल्लेखनीय हैं. साथ ही हजारों एकड़ में फैला तेनुघाट जलाशय पर्यटकों को आकर्षित करता है. मालूम हो कि झारखंड में कई ऐसे जिले हैं जो राज्य गठन के बाद बनाये गये हैं और अर्हता में बेरमो अनुमंडल से पीछे रहे हैं. बेरमो अनुमंडल के सभी प्रखंड उग्रवाद प्रभावित हैं. गोमिया के झूमरा से लेकर सेवाती घाटी तथा हिसिम-केदला तक की दूरी बोकारो जिला मुख्यालय से बहुत ज्यादा है. बेरमो को जिला बनाये जाने से लोगों को काफी सुविधा होती.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










