Bokaro News : क्या मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गरगा नदी हो पायेगी अतिक्रमण मुक्त
Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 01 Jun 2026 12:21 AM
Bokaro News : बोकारो में गरगा नदी अतिक्रमण और प्रदूषण की मार झेल रही है.
नदी, जोरिया, तालाब, झील हमारे अस्तित्व का मूल आधार हैं. इनके महत्व को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ बैठक कर शहरों की नदियों, तालाबों, डैम, नालों और अन्य जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को अवैध निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा. बोकारो में गरगा नदी वर्तमान में अतिक्रमण और प्रदूषण की मार झेल रही है. अतिक्रमण के कारण नदी सिमटकर नाला बनती जा रही है.
कभी थी चौड़ाई 400 से 600 फिट, अभी कई जगह मात्र 40 से 50 फीट
एक समय इस नदी की चौड़ाई 400 से 600 फिट थी. लेकिन अभी कई जगह मात्र 40 से 50 फीट रह गयी है. विशेषकर बारी को-ऑपरेटिव से लेकर भोजपुर कॉलोनी तक नदी के किनारों पर भारी अतिक्रमण हुआ है. चेकपोस्ट से तेलीडीह गाय घाट तक भी जगह-जगह अतिक्रमण है. कई जगह नदी किनारे खटाल बना दिये गये और नदी में गोबर बहाया जा रहा है. भोजपुर कॉलोनी पुल के आगे तो लगता है कि नदी में ही घर बन गया है. चीराचास स्थित पांडेय पुल के दोनों तरफ अगर सही से जांच की जाये तो कई बड़े आशियाने नदी की जमीन के दायरे में आ जायेंगे. चास नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र का मापी करायी गयी थी, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. कई हिस्सों में लोगों ने अवैध रूप से घर और दुकानें बना ली हैं. इधर, चास नगर निगम क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों का गंदा पानी और खटाल का गोबर सीधे गरगा नदी में गिराया जा रहा है. चास अंचल प्रशासन और नगर निगम द्वारा लगातार कागजी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अतिक्रमण हटाने में अभी प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गरगा नदी के अतिक्रमण मुक्त होने की उम्मीद जगी है. लेकिन देखना है कि नदी अतिक्रमण मुक्त हो पायेगी या जिला प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










