इ-रिक्शा योजना फेल, 15 में से मात्र पांच बंटे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 May 2019 1:15 AM
चास : चास नगर निगम क्षेत्र में बेहतर ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है. फिलहाल बेहतर ट्रांसपोर्टिंग सुविधा मुहैया कराने के लिये निगम की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है और ना ही निगम की बैठकों में इसको लेकर किसी प्रकार की चर्चा की जाती है. हालांकि वर्ष 18 […]
चास : चास नगर निगम क्षेत्र में बेहतर ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है. फिलहाल बेहतर ट्रांसपोर्टिंग सुविधा मुहैया कराने के लिये निगम की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है और ना ही निगम की बैठकों में इसको लेकर किसी प्रकार की चर्चा की जाती है.
हालांकि वर्ष 18 के अगस्त माह में मेयर भोलू पासवान ने झारखंड रिक्शा चालक गरिमा योजना के तहत पांच इ-रिक्शा का वितरण किया था. इस दौरान निगम के जनप्रतिनिधियों ने इ-रिक्शा परिचालन को बढ़ावा देने की बात कही थी. इसको लेकर निगम की ओर से 15 इ-रिक्शा वितरण करने की योजना बनायी गयी थी, लेकिन नौ महीने बाद अब तक सिर्फ पांच ही इ-रिक्शा का वितरण किया गया.
वितरण के बाद निगम ने कोई जानकारी भी नहीं ली फिलवक्त पांच इ-रिक्शा निगम क्षेत्र में चल रहे हैं, लेकिन वह भी मोहल्लों में छोड़ मेनरोड में ही चलना पसंद करते हैं. निगम की ओर से ऑटो पार्किंग व स्टैंड की भी व्यवस्था शुरू नहीं की गयी है. जबकि ऑटो पार्किंग को लेकर बीते दो वर्षों से मांग उठ रही है. हालांकि शहर को स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है, जबकि सिटी परिवहन के मामले में चास नगर निगम की ओर से फिलहाल किसी प्रकार की कार्रवाई या बैठकों में चर्चा भी शुरू नहीं की गयी है.
मोहल्लों तक पहुंचने का रिक्शा ही है सहारा : चास नगर निगम क्षेत्र में कुल 35 वार्ड हैं, जिसमें 50 से अधिक मोहल्ले व 100 से अधिक छोटे-छोटे मोहल्ले हैं. लेकिन इन गली-मोहल्लों में रहने वाले लोगों को अपने घर से ट्रांसपोर्टिंग के लिये ऑटो या इ-रिक्शा ढूंढने पर भी नहीं मिलता है. लोगों को तीन से चार किमी पैदल चलकर मेन रोड तक आना पड़ता है, तब जाकर उन्हें किसी प्रकार का वाहन मिलता है. मोहल्लों से मुख्य बाजार तक पहुंचने के लिये सार्वजनिक साधन ही उपलब्ध नहीं है. ऐसे में चास नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिये घर तक के लिये ट्रांसपोर्टिंग आज भी रिक्शा है.
चास के विभिन्न चौक पर रिक्शा चालक दिखाई पड़ जाते हैं. तेलीडीह मोड़ हो या फिर धर्मशाला मोड़, महावीर चौक, जोधाडीह मोड़, मछली पट्टी मोड़ में रिक्शा चालक सवारी के लिये इंतजार करते हुये दिख जायेंगे. लोग बाजार से खरीददारी के बाद इन मोड़ पर पहुंचकर अपने घर तक रिक्शा से ही पहुंचते हैं.
कहां-कहां जरूरत है इ-रिक्शा की : चास क्षेत्र के लोग अपने घर से निकलकर दो से तीन किमी पैदल चलने के बाद ही मेन रोड तक पहुंचते है. ऐसे में उन्हें रिक्शा या इ-रिक्शा की जरूरत पड़ती है. इसको देखते हुये निगम क्षेत्र के करीब सभी चौक पर इ-रिक्शा चलाने की जरूरत है. इसके अलावा तेलीडीह रोड, बांधगोड़ा रोड, गुरूद्वारा रोड, रामनगर कॉलोनी, चीराचास, प्रखंड कार्यालय रोड, आइटीआइ मोड़, सोलागीडीह आदि जगहों पर लोग रिक्शा या ऑटो की अक्सर तलाश करते हैं.
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