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एचएससीएल बोकारो के कॉन्ट्रैक्ट अधिकारी की हड़ताल जारी, कर्मचारियों ने कहा - हम काम करना चाहते हैं, पर दाम भी तो मिले...

Updated at : 05 Jan 2019 8:08 AM (IST)
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एचएससीएल बोकारो के कॉन्ट्रैक्ट अधिकारी की हड़ताल जारी, कर्मचारियों ने कहा - हम काम करना चाहते हैं, पर दाम भी तो मिले...

बोकारो : हम काम करना चाहते हैं, काम के दम पर नाम करना चाहते हैं. लेकिन, काम के बदले सही इनाम व दाम भी तो मिले. हमलोग नवंबर 2017 से हक की आवाज बुलंद कर रहे हैं. प्रबंधन बार-बार मौखिक व लिखित आश्वासन देने के बाद हमेशा मुकर जाता है. कुछ ऐसा ही दर्द बयां […]

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बोकारो : हम काम करना चाहते हैं, काम के दम पर नाम करना चाहते हैं. लेकिन, काम के बदले सही इनाम व दाम भी तो मिले. हमलोग नवंबर 2017 से हक की आवाज बुलंद कर रहे हैं. प्रबंधन बार-बार मौखिक व लिखित आश्वासन देने के बाद हमेशा मुकर जाता है.
कुछ ऐसा ही दर्द बयां करने के बाद हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (एचएससीएल) बोकारो इकाई के कॉन्ट्रेक्ट अधिकारी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगते हैं. प्रबंधन की वादा खिलाफी से आक्रोशित कर्मी 18 दिसंबर 2018 से हड़ताल पर जमे हुए हैं.
अधिकारियों की माने तो नवंबर 2017 में एचएससीएल का मर्जर एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड में होने के विरोध में पहली हड़ताल की गयी थी. हड़ताल के बाद प्रबंधन ने किसी प्रकार की छंटनी नहीं करने व स्थायी करने की बात कही. इसके बाद हड़ताल समाप्त हुई.
लेकिन कोई पहल नहीं होता देख जुलाई 2018 से 14 अगस्त 2018 तक हड़ताल की गयी. इसके बाद प्रबंधन ने 11 सूत्री लिखित मोमरेंडम पर हस्ताक्षर किया गया. इसमें किसी भी कर्मी-अधिकारी को टर्मिनेट नहीं करने का फैसला शामिल था. लेकिन, पिछले दिनों तीन अधिकारी को प्रबंधन ने टर्मिनेट कर दिया.
यह लिखित आश्वासन के खिलाफ था. एक ओर कंपनी नुकसान का हवाला देकर कॉन्ट्रेक्ट कर्मी-अधिकारी को नियमित नहीं करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी संसाधनों का गलत इस्तेमाल कर रही है. साथ ही नये काम हासिल करने की दिशा में पहल नहीं की जा रही है. कर्मियों ने बताया : एक ओर सम्मानजनक वेतन नहीं मिल रहा है.
कॉन्ट्रैक्ट बेसिस अधिकारी-कर्मी को नियमित नहीं किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन की ओर से कॉन्ट्रैक्ट बेसिस अधिकारियों को बहाल करने के लिए विज्ञापन (15/2018) जारी किया गया है. जारी विज्ञापन में वर्तमान मानदेय से ज्यादा मानदेय देने की बात है. 15 दिन से जारी हड़ताल के बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की गयी है.
हमारे इतिहास को मिटाने की हो रही है कोशिश
अधिकारी-कर्मी की माने तो एचएससीएल का इतिहास गौरवमयी रहा है. देश के महत्वपूर्ण इकाई स्थापित करने में एचएससीएल ने अहम रोल निभाया है.
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