बोकारो : आपराधिक घटनाओं से टूट चुके पीड़ितों का भविष्य संवारने में जुटा डीएलएसए
Updated at : 23 Dec 2018 9:28 AM (IST)
विज्ञापन

विभिन्न मामलों के पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है डीएलएसए बोकारो : किसी भी अपराध में दोषी को सजा मिलती है, इस बात की जानकारी सभी लोगों को है, लेकिन आपराधिक घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा पाने का अधिकार भी है, इस बात की जानकारी बहुत ही कम लोगों को है. जिला विधिक […]
विज्ञापन
विभिन्न मामलों के पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान कर
रहा है डीएलएसए
बोकारो : किसी भी अपराध में दोषी को सजा मिलती है, इस बात की जानकारी सभी लोगों को है, लेकिन आपराधिक घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा पाने का अधिकार भी है, इस बात की जानकारी बहुत ही कम लोगों को है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार विभिन्न अापराधिक घटनाओं में टूट चुके परिवार और लोगों का भविष्य की संवारने की दिशा में काम कर रहा है.
तीन वर्ष में दर्जनों लोगों को मिल चुका है 1.3 करोड़ का मुआवजा : गत तीन वर्षों में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने दर्जनों पीड़ितों को आर्थिक मदद प्रदान कर उन्हें नया जीवन की शुरुआत करने में मदद की है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो द्वारा वर्ष 2016 में लगभग आधा दर्जन पीड़ितों को 1.70 लाख रुपया मुआवजा प्रदान किया गया.
वर्ष 2017 में 62.40 लाख रुपये मुआवजा विभिन्न घटनाओं में पीड़ितों व उनके आश्रितों के बीच बांटा गया. वर्ष 2018 के नवंबर माह तक 39.30 लाख रुपये मुआवजा के रूप में पीड़ितों को दिया गया. उक्त मुआवजा बोकारो जिले में हुए विभिन्न अापराधिक घटनाओं और सड़क दुर्घटना में पीड़ित लोगों व उनके आश्रितों के बीच बांटा गया है.
पीड़ितों को मुआवजा मिलना जरूरी : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विभिन्न मामलों के पीड़ितों को अलग-अलग मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान है. अभियुक्त पक्ष को न्यायालय से सजा मिले या न मिले लेकिन पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का सख्त निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है. इसके लिए विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत विभिन्न अपराध के पीड़ित लोगों व आश्रितों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की गयी है.
विभिन्न मामलों के पीड़ितों की निर्धारित मुआवजा राशि
1. तेजाबी हमला पीड़ित को तीन लाख रुपये
2. दुष्कर्म पीड़िता को तीन लाख रुपये
3. शारीरिक शोषण की शिकार नाबालिग को दो लाख रुपये
4. मानव तस्करी से पीड़ित के पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये
5. यौन प्रताड़ना से पीड़ित को 50 हजार रुपये
6. हत्या के मामले में पीड़ित पक्ष को दो लाख रुपये
7. अापराधिक घटनाओं में स्थायी विकलांगता पर दो लाख रुपये
8. आंशिक विकलांगता पर " एक लाख
9. भ्रूण हानि के पीड़ित को " 50 हजार
10. किसी भी घटना में पीड़ित पक्ष के पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये
इसके अलावा विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं व अन्य आपराधिक घटनाओं में पीड़ित पक्ष और उसके आश्रित को अलग अलग मुआवजा राशि प्रदान की जाती है.
कैसे मिलता है मुआवजा
विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत विभिन्न घटनाओं के पीड़ित और उसके परिजनों को मुआवजा दिये जाने का कानूनी प्रावधान है. इस स्कीम के तहत पीड़ित व्यक्ति के अलावा उसकी पत्नी, पति, पिता, माता, दादा, दादी, नाबालिग बच्चे और अविवाहित बेटी को मुआवजा प्रदान किया जाता है. मुआवजा पाने के लिए पीड़ित पक्ष अपने आवेदन के साथ थाना में दर्ज हुए एफआइआर की कॉपी, मेडिकल रिपोर्ट, मृत्यु की स्थिति में डेथ सर्टिफिकेट, न्यायालय द्वारा सुनायी गयी सजा की कॉपी स्थानीय जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय में जमा कर अपना मुआवजा पा सकते हैं. आवेदन मिलने के साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार छानबीन शुरू कर देता है और कुछ ही दिनों में मुआवजा राशि प्रदान करने का फैसला ले लिया जाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




