चास : 1500 पारा शिक्षकों ने निकाली न्याय यात्रा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Dec 2018 3:45 AM

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चास : 1500 पारा शिक्षकों ने निकाली न्याय यात्रा चास : एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को न्याय यात्रा निकाली. इसमें जिला के सभी प्रखंड क्षेत्र के पारा शिक्षक शामिल थे. साथ ही विभिन्न राजनीतिक दल के नेता मौजूद थे. न्याय यात्रा चास धर्मशाला मोड़ से निकाली […]

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चास : 1500 पारा शिक्षकों ने निकाली न्याय यात्रा
चास : एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को न्याय यात्रा निकाली. इसमें जिला के सभी प्रखंड क्षेत्र के पारा शिक्षक शामिल थे. साथ ही विभिन्न राजनीतिक दल के नेता मौजूद थे. न्याय यात्रा चास धर्मशाला मोड़ से निकाली गयी. पारा शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया.
इस दौरान ये समान काम के बदले समान वेतन, विद्यालय विलय को रोकने व स्थायीकरण की मांग कर रहे थे. राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. रैली में करीब 1500 पारा शिक्षक शामिल थे. रैली के दौरान चास में लगभग दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही. जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा.
मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन : पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष नारायण महथा ने कहा कि हमारी मुख्य रूप से तीन ही मांगें हैं. इनमें छत्तीसगढ़ की तर्ज पर पारा शिक्षकों का स्थायीकरण, समान काम का समान वेतन व सरकारी विद्यालयों के विलय को निरस्त करना.
जब तक मांग पूरी नहीं किया जाता, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी. मौके पर अष्टमंगल कमेटी के संयोजक बिनोद बिहारी महतो, प्रदेश कमेटी के सदस्य डोमन महतो, कालीचरण रवानी, सुरेश शर्मा, दिलीप कुमार महतो, संजय पांडेय, संजय महतो, हरि तुरी, सीमांत घोषाल, बालगोविंद, महेंद्र नायक, सब्बीर अहमद, दिलशाद, कौशल्या देवी आदि मौजूद थे.
28 दिनों से जिला के 599 विद्यालयों में लटका है ताला : पारा शिक्षकों की हड़ताल गुरुवार को 28वें दिन भी जारी रही. इस कारण जिले के 599 विद्यालयों में ताला लटका हुआ है. शिक्षा परियोजना की ओर से संचालित ज्ञान सेतु सहित अन्य कार्यक्रम प्रभावित होकर रह गया है. जिला के करीब 30 हजार विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित हैं. जिले में नव प्राथमिक विद्यालय के साथ-साथ 14 मध्य विद्यालय में भी ताला लटका हुआ है.
शिक्षा परियोजना बोकारो के एपीओ विनोद कुमार के अनुसार गोमिया प्रखंड क्षेत्र में पांच, नावाडीह प्रखंड क्षेत्र में छह, बेरमो, चास, पेटरवार के एक-एक मध्य विद्यालय में ताला लटका हुआ है. गौरतलब हो कि बोकारो जिले में 3613 पारा शिक्षक कार्यरत हैं. जबकि शिक्षा परियोजना बोकारो के अनुसार 3441 पारा शिक्षक अनुपस्थित हैं.
जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, नहीं चलने देंगे सदन : जगरनाथ
यात्रा में शामिल डुमरी विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि पारा शिक्षकों के साथ रघुवर सरकार अन्याय कर रही है. इस अन्याय के खिलाफ पूरे राज्य के पारा शिक्षकों को आंदोलन में डटे रहना है. उनकी मांगों के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा खड़ी है.
उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ने ऐलान किया है कि पारा शिक्षकों का आंदोलन जायज है और उनकी मांगों को लेकर झामुमो आंदोलन करेगा. आने वाले विधान सभा सत्र के दौरान झामुमो उस वक्त तक सदन नहीं चलने देगी, जब तक पारा शिक्षकों की मांग को लेकर सरकार जवाब नहीं देती है.
शिक्षकों के साथ अन्याय पूर्ण रवैया समाज के लिये अशुभ संकेत – डॉ प्रकाश
शिक्षक समाज का अगुआ होता है. वर्तमान में भाजपा सरकार का पारा शिक्षकों के साथ अन्याय पूर्ण रवैया समाज के लिये अशुभ संकेत है. पारा शिक्षक लगभग एक महीने से आंदोलनरत हैं. लेकिन उनकी मांगों को लेकर अब तक सरकार कोई सकारात्मक रवैया नहीं दिखायी है.
यह वैसे शिक्षक हैं जो गरीबों के बच्चों को दिन-रात मेहनत कर आगे बढ़ाने का काम करते हैं. इनके हड़ताल पर जाने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में है. 2019 के विधानसभा व लोकसभा चुनाव में शिक्षक व समाज भाजपा को गद्दी से उतार देगी.
तानाशाही कर रही है सरकार : मंजूर
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मंजूर अंसारी ने कहा कि सरकार का रवैया पारा शिक्षकों के प्रति शुरू से ही खराब रहा है. जब वे अपनी मांगों को लेकर सरकार के पास पहुंचे थे, तो उन पर लाठी चलाकर सरकार ने तानाशाही का परिचय दिया है.
इसलिये पूरा विपक्ष उनकी मांगों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिये तैयार है. ऐसी परिस्थिति में पारा शिक्षकों को अपना आंदोलन लगातार जारी रखना चाहिये.
शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है राज्य सरकार : बुद्ध नारायण
राजद के जिलाध्यक्ष बुद्ध नारायण यादव ने कहा कि पारा शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन बाधित हो गया है. इसके बाद भी राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है.
राज्य सरकार पारा शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है. जब तक इन को न्याय नहीं मिलता पूरा विपक्ष पारा शिक्षकों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा.
दो घंटे जाम रहा बाइपास, परेशान रहे चालक
न्याय यात्रा चास के धर्मशाला मोड़ से शुरू हुई. यहां से रैली के रूप में पारा शिक्षक डीसी कार्यालय पहुंचे. यात्रा दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई जो कि ढाई बजे समाप्त हुई. इस दौरान पूरा बाइपास जाम रहा.
हालांकि एक तरफ से सड़क खुली थी, लेकिन पारा शिक्षकों के पीछे चलने वाले वाहन दूसरे लेन में घुस गये. इस कारण तेलीडीह मोड़ से लेकर डीसी ऑफिस तक सड़क पूरी तरह से जाम हो गया.
जाम में स्कूल बस, एंबुलेंस, चास जेल के कैदी वाहन सहित दर्जनों वाहन फंसे रहे. ट्रैफिक डीएसपी प्रकाश ज्योति मिंज ने दल-बल के साथ मोर्चा संभाला और सड़क जाम को दूर करने में जुट गये. करीब दो घंटे बाद जाम हटा.
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