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बोकारो : मेडिकल भी कराता था, खुद डॉक्टर बन जाता था राजेंद्र

Updated at : 07 Dec 2018 10:07 AM (IST)
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बोकारो : मेडिकल भी कराता था, खुद डॉक्टर बन जाता था राजेंद्र

70 बेरोजगार युवकों से पांच करोड़ की ठगी बोकारो : ठगी के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद एसपी कार्तिक एस ने कैंप दो स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गुरुवार को पत्रकारों को बताया : यह गिरोह सेल व रेल में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से ठगी कर रहा था. युवकों की मेडिकल […]

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70 बेरोजगार युवकों से पांच करोड़ की ठगी

बोकारो : ठगी के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद एसपी कार्तिक एस ने कैंप दो स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गुरुवार को पत्रकारों को बताया : यह गिरोह सेल व रेल में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से ठगी कर रहा था.

युवकों की मेडिकल भी करायी जाती थी. इस दौरान राजेंद्र महतो डॉक्टर बनता था. यह गिरोह अमूमन बिहार, उत्तर प्रदेश व दक्षिण भारत के युवकों को नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करता था. अभी तक यह गिरोह 70 बेरोजगार युवकों से लगभग पांच करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है. एक युवक को नौकरी लगाने के लिए यह गिरोह छह से लेकर दस लाख रुपये तक की ठगी करते थे.

सेवानिवृत्त बीएसएल कर्मी व उसका पुत्र भी गिरोह में है शामिल : इस गिरोह में बोकारो इस्पात संयंत्र से एचआरडी विभाग से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी नवीन कुमार सिंह व उनके पुत्र लव कुमार भी शामिल है.

घटना की प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के जिला गोरखपुर, शिव नगर कॉलोनी निवासी उपेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की पत्नी उमा रानी श्रीवास्तव ने बीएस सिटी थाना में दर्ज करायी है. उपेंद्र प्रसाद के पुत्र सौरभ कुमार श्रीवास्तव को बोकारो इस्पात संयंत्र में नौकरी लगाने के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी की गयी है. नौकरी नहीं मिलने पर जब महिला ने पैसा वापस मांगा तो उसके साथ अभियुक्तों ने गाली-गलौज कर भगा दिया.

गिरोह के उद्भेभदन के लिए टीम का गठन : एसपी ने ठगी के गिरोह के उद्भेदन के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था. उक्त टीम में बीएस सिटी थानेदार सह इंस्पेक्टर मदन मोहन प्रसाद सिन्हा, दारोगा प्रेम रजक, जमादार महेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सिपाही अमित कुमार सिंह, सिद्वेश्वर प्रसाद सिंह व गृहरक्षक चंदन कुमार शामिल थे.

कब्जा किया हुआ आवास भी किया था आवंटित

एसपी ने बताया कि अभियुक्तों ने महिला के पुत्र का बीजीएच के एक कक्ष में फर्जी तरीके से मेडिकल भी कराया. मेडिकल के दौरान राजेंद्र महतो टीम का डॉक्टर बना था. मेडिकल के बाद महिला के पुत्र को बीएसएल का प्रोवेशनर कर्मचारी बताकर सेक्टर नौ स्थित एक आवास आवंटन होने की बात कह उक्त आवास का चाबी भी दे दी.

बाद में महिला को जानकारी मिली कि उसके साथ ठगी की गयी है और उसको दिया गया आवास कब्जा किया हुआ आवास है. गिरोह के सदस्य शिवा चंद्रा व पिंकू श्रीवास्तव राज्य के बाहर जाकर नौकरी लगाने का झांसा देकर आदमी लाते थे. लव कुमार व उनका पिता नवीन कुमार सिंह फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, मेडिकल आदि कागजात तैयार करते थे.

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