अफोर्डिबलिटी क्लॉज बना बीएसएल कर्मियों का वेज रिविजन में रोड़ा

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बोकारो : बीएसएल समेत सेल की इकाई में वेज रिविजन का इंतजार कर रहे कर्मियों को झटका लगा है. वेज रिविजन में अफोर्डिबलिटी क्लॉज लगा कर कर्मियों को रिविजन से वंचित कर दिया गया है. कर्मियों से पहले अधिकारियों को भी अफोर्डिबलिटी क्लॉज के कारण वेज रिविजन का लाभ नहीं मिला था. बीएसएल समेत सेल […]

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बोकारो : बीएसएल समेत सेल की इकाई में वेज रिविजन का इंतजार कर रहे कर्मियों को झटका लगा है. वेज रिविजन में अफोर्डिबलिटी क्लॉज लगा कर कर्मियों को रिविजन से वंचित कर दिया गया है. कर्मियों से पहले अधिकारियों को भी अफोर्डिबलिटी क्लॉज के कारण वेज रिविजन का लाभ नहीं मिला था. बीएसएल समेत सेल कर्मियों का नया वेतनमान एक जनवरी 2017 से लंबित है.
इसके लिए प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 308 करोड़ का बजट प्रावधान कर रखा था. सेल के डायरेक्टर फाइनेंस ने 30 मई को आदेश जारी कर उस राशि को वापस लेते हुए वेज रिवीजन के लिए बजट प्रावधान को शून्य कर दिया है. जिसके बाद यह माना जा रहा है कि कर्मियों का वेज रिवीजन फिलहाल नहीं होगा.
बीएसएल कर्मियों को वेज रिवीजन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. सेल प्रबंधन ने वेज रिवीजन के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 308 करोड़ का प्रावधान कर रखा था, उसे 30 मई को आदेश जारी कर वापस लेते हुए 758 करोड़ के ब्याज में समायोजित कर दिया. प्रबंधन ने ऐसा अफोर्डेबलिटी क्लॉज के चलते किया.
इसे हटाने को लेकर सेफी पहले से ही संघर्ष कर रहा है. कर्मियों के लिए प्रबंधन द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में इसके लिए बजट प्रावधान किये जाने से यूनियनों में आस बंधी थी कि देर से ही सही कम से कम उनका तो वेज रिवीजन होगा ही. एनजेसीएस सदस्य यूनियन इंटक की सेल स्तर पर हाल ही में हुई बैठक में संयुक्त रूप से चार्टर ऑफ डिमांड तक तैयार किया गया है.
सेल व एनजेसीएस नेताओं की मिलीभगत से वेज रिवीजन पर रोक व पेंशन स्कीम में भारी कटौती की गयी है. अब दया नहीं अधिकार चाहिए के संकल्प के साथ प्रबंधन को मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा. इसी संकल्प के साथ 12 जून को प्लांट के गोल चक्कर से ईडी भवन तक हल्ला बोल कार्यक्रम होगा. अधिकार के लिए सभी मजदूरों को आगे आना होगा.
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