श्रम कानून में बदलाव नहीं होगा स्वीकार : मोर्चा

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बोकारो : केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों व मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को मजदूर रैली निकली. रैली नया मोड़ से निकल कर बीएसएल प्रशासनिक भवन के समीप सभा में तब्दील हो गयी. अध्यक्षता जेएन सिंह ने की. वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों […]

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बोकारो : केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों व मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को मजदूर रैली निकली. रैली नया मोड़ से निकल कर बीएसएल प्रशासनिक भवन के समीप सभा में तब्दील हो गयी. अध्यक्षता जेएन सिंह ने की. वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों को निजी पूंजीपतियों के हाथों बेचने व श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव करने का विरोध किया. कहा : आजादी के बाद भारत के आर्थिक व औद्योगिक विकास में केंद्रीय सार्वजनिक अंग ने नेतृत्व भूमिका निभाया है. अब काॅरपोरेट सार्वजनिक उपक्रमों को हड़प लेना चाहते हैं. ऐसा नहीं होने दिया जायेगा.

श्रम कानूनों में बदलाव को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जायेगा. ठेका मजदूरों की स्थिति और भी बदतर हो गयी है. पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, मकान भाड़ा भत्ता, बीजीएच में ठेका मजदूर इलाज से वंचित हैं. हक मांगने पर ठेका मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार तक किया जा रहा है. समझौता के बाद भी मजदूरों को पेंशन लागू नहीं किया गया. सभा को सीटू के महामंत्री बीडी प्रसाद, आरके गोराई, एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह, एस कुमार, एचएमएस के ललन सिंह, एक्टू के महामंत्री, देवदीप सिंह दिवाकर, एआइयूटीयूसी के महामंत्री मोहन चौधरी, झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के महामंत्री डीसी गोहाई ने संबोधित किया.

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