प्रदेश को महिलाओं की हुंकार का है इंतजार : सुदेश
बोकारो : प्रदेश महिलाओं की हुंकार का इंतजार कर रहा है. महिलाओं के नेतृत्व से प्रदेश में बदलाव हो सकता है. महिलाओं के धन संचय की शक्ति होती है. इसी ताकत का इस्तेमाल जनशक्ति के संचय के रूप में होना चाहिए. यह कहना है प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो का. […]
बोकारो : प्रदेश महिलाओं की हुंकार का इंतजार कर रहा है. महिलाओं के नेतृत्व से प्रदेश में बदलाव हो सकता है. महिलाओं के धन संचय की शक्ति होती है. इसी ताकत का इस्तेमाल जनशक्ति के संचय के रूप में होना चाहिए. यह कहना है प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो का. वह रविवार को सेक्टर 01 स्थित एचएससीएल क्लब में बिनोद बिहारी मंच के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. आयोजन पटेल महिला समिति बोकारो ने किया था. श्री महतो ने कहा : महिलाओं की ताकत को समझ कर ही पंचायती चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. चौखट के अंदर रहने वाली महिलाओं को नेतृत्व का मौका दिया गया.
संगठन का टूटना असंभव : कार्यक्रम में पटेल सेवा संघ बोकारो में व्याप्त समस्या की चर्चा हुई. भ्रष्टाचार के कुछ मामले सुदेश महतो के सामने रखे गये. श्री महतो ने मिल-बैठकर समस्या निदान की बात कही. कहा : घर की चिंता करने वाला ही घर का नेतृत्व कर सकता है. कहा : पटेल सेवा संघ का नाम लौह पुरुष सरदार पटेल के नाम पर पड़ा है. इस कारण इस परिवार में एकता बरकरार रहेगी. इसे कोई तोड़ नहीं सकता है.
बिनोद बिहारी का विचार ही पथ : श्री महतो ने कहा कि जहां सरदार पटेल ने देश बनाया, वहीं बिनोद बिहारी महतो की बदौलत झारखंड बन सका. दोनों के साथ काम करने का सौभाग्य तो नहीं मिला, लेकिन इनके विचारों को आत्मसात कर जरूर जीवन यापन किया जा सकता है. कहा : स्व बिनोद बिहारी महतो का विचार ही मेरा जीवन पथ है. इनके विचारों के कारण ही झारखंड में व्याप्त समस्या से लड़ने की ताकत मिलती है.
बिनोद बिहारी को दिलायेंगे राष्ट्रीय पहचान : श्री महतो ने कहा : बिनोद बिहारी महतो ने झारखंड को पहचान दिलायी. महिलाओं को आगे आने, शिक्षित बनने, शोषण मुक्त समाज बनाने में स्व बिनोद बिहारी का अहम योगदान है. अब जरूरत है, बिनोद बिहारी महतो को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की. इनके विचारों को देश-दुनिया तक पहुंचाने की ताकि समाज से बुराई का अंत हो सके. समाज विकास की राह पर अग्रसर हो सके.
क्रांतिकारी परिवर्तन के हिमायती थे बिनोद बिहारी : राजकिशोर महतो : कार्यक्रम की अध्यक्षता टूंडी विधायक राजकिशोर महतो ने की. कहा : स्व बिनोद बिहारी महतो क्रांतिकारी परिर्वतन के हिमायती थे. अब फिर से ऐसे ही क्रांतिकारी परिवर्तन की जरूरत है. इसमें बोकारो जैसे बुद्धिजीवी समाज को आगे आना होगा. कहा : समाज को शोषण मुक्त बनाने की बात स्व बिनोद करते थे. समाजिक कुरीतियों से मुक्ति दिलाने के लिए शिवाजी समाज बनाया.
बड़े पैमाने पर तैयार होने की जरूरत : उमाकांत : पूर्व मंत्री उमाकांत रजक ने कहा : हर समाज में छोटी-बड़ी समस्या होती है. ऐसी समस्या को भूल कर बड़े पैमाने पर परिवर्तन की तैयारी करनी होगी. कहा : स्व बिनोद बिहारी महतो ने पढ़ो व लड़ो का नारा दिया था. इसे आत्मसात करना होगा. इसी से समाज मजबूत बनेगा. समाज में कुछ समस्या हो सकती है. विभिन्न तरह के लोग हो सकते हैं. इससे घबराने की जरूरत नहीं है. कोशिश समाज को एकसूत्र में बांध कर रखने की होनी चाहिए.
बनेगा स्टेच्यू ऑफ रेवोल्यूशन : भगत : आजसू के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा : स्व बिनोद बिहारी महतो के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. इनके सम्मान में देश की सबसे बड़ी मूर्ति स्टेच्यू ऑफ रेवोल्यूशन बनाया जायेगा. बिरसा मुंडा के सम्मान में स्टेच्यू ऑफ उलगुलान बनाया जायेगा. बहुत जल्द इस दिशा में काम शुरू होगा. निर्माण में आम लोगों से मदद ली जायेगी. अतिथियों का स्वागत महिला समिति की अध्यक्षा अंजु माला ने किया. महासचिव अंजू कुमारी, नवल किशोर प्रसाद समेत पटेल सेवा संघ के वरीय पदाधिकारियों ने संबोधित किया. मौके पर दर्जनों महिला व पुरुष मौजूद थे.
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