उदासीनता: किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने कराया था निर्माण, इ-किसान भवन से नहीं मिल रहा लाभ
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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चास: किसानों को फसल उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिये चास किसान बाजार समिति परिसर में बना इ-किसान भवन शोभा का वस्तु बनकर रह गया है. इससे चास व चंदनकियारी क्षेत्र के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. क्षेत्र के किसान इ-किसान भवन के बारे में जानते भी नहीं हैं. गौरतलब हो […]
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चास: किसानों को फसल उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिये चास किसान बाजार समिति परिसर में बना इ-किसान भवन शोभा का वस्तु बनकर रह गया है. इससे चास व चंदनकियारी क्षेत्र के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. क्षेत्र के किसान इ-किसान भवन के बारे में जानते भी नहीं हैं. गौरतलब हो कि इ-किसान भवन का उद्घाटन मार्च 2017 में किया गया था.
भवन का निर्माण करीबन 25 लाख की लागत से किया गया है. गौरतलब हो कि किसानों को फसल उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने व दलालों से मुक्ति दिलाने के लिये केंद्र सरकार की ओर से इ-किसान भवन का निर्माण कराया गया था. इ-किसान भवन का संचालन व देखभाल की जिम्मेवारी चास बाजार समिति को दी गयी है. जानकारी के अभाव में किसान इ-किसान भवन नही आते हैं. काम के नाम पर दुंदीबाजार सहित अन्य बाजारों के दुकानदारों का खरीद-बिक्री का मूल्य डाल दिया जाता है.
भवन से देश के 585 मंडी को जोड़ना है : कृषि बाजार समिति में संचालित इ-किसान भवन को पूरे देश के 585 मंडी को ऑनलाइन जोड़ना है, लेकिन अभी तक 300 मंडी को ही जोड़ने में कामयाबी मिली है. यह सब मंडी राज्य के बाहर से एक भी नहीं है. सभी मंडी झारखंड की ही जुड़ी हुई है.
भवन में नहीं बना है खाद्य जांच लैब : किसानों की उत्पादित फसल व सब्जियों की जांच करने के लिये लैब का निर्माण अभी तक नहीं किया गया है. लैब के माध्यम से ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच होती है. इसके बाद ऑनलाइन दर तय किया जाता है. इसके कारण अनाज व सब्जियों का इ-किसान भवन में ग्रेडिंग नहीं हो पा रही है.
चास में इ-किसान भवन खुले अभी ज्यादा दिन नहीं हुआ है. किसानों से संपर्क स्थापित कर इ-ट्रेड ऑनलाइन कराया जा रहा है. व्यापारियों का पंजीयन कर लिया गया है. आने वाले दिनों में चास का इ-किसान भवन कारगर साबित होगा.
शिवजी तिवारी, सचिव चास कृषि बाजार समिति
क्या कहते हैं लोग
इ-किसान भवन के बारे में यहां के अधिकांश किसान नहीं जानते हैं. बाजार समिति सहित कृषि विभाग ने किसानों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है. इस कारण किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है.
पवन कुमार ठाकुर, सिजुवा
किसान हित में सरकार की ओर से कई योजनाएं चलायी जा रही है. लेकिन धरातल स्तर पर किसानों को जागरूक नहीं किया जा रहा है. किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिये भवन तो बना, लेकिन वह लाभदायक नहीं है.
माणिक शर्मा, बोदरो
सरकार हरित क्रांति लाने की बात करती है, वहीं धरातल स्तर पर योजनाओं को सही ढंग से अमल करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जाता है. इस कारण किसान आज भी पुराने पद्धति से खेती करने को विवश है.
मो. आजूम, अलकुशा
कई राज्यों के किसान खुशहाल हैं, लेकिन यहां के किसान आज भी फटेहाल जिंदगी जी रहे हैं. किसानों को उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है. किसानों के हित में खुला ई-किसान भवन लाभदायक साबित नहीं हो रहा है.
मुक्तेश्वर महतो, बारपोखर
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