मजदूर रोहित मांझी की मौत के मामले ने तूल पकड़ा
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जैनामोड़. जरीडीह प्रखंड के तांतरी दक्षिणी पंचायत के तोताडीह में सोमवार को नेमचांद सोरेन के प्रधानमंत्री आवास योजना में छत ढलाई के दौरान तबीयत खराब हो जाने के बाद अस्पताल में रोहित मांझी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इलाज के दौरान रेफरल अस्पताल जैनामोड़ में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर […]
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जैनामोड़. जरीडीह प्रखंड के तांतरी दक्षिणी पंचायत के तोताडीह में सोमवार को नेमचांद सोरेन के प्रधानमंत्री आवास योजना में छत ढलाई के दौरान तबीयत खराब हो जाने के बाद अस्पताल में रोहित मांझी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इलाज के दौरान रेफरल अस्पताल जैनामोड़ में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पत्नी हेमोली देवी ने बताया कि उसने शव का पोस्टमार्टम कराना चाहा, लेकिन रोजगार सेवक दिलीप कुमार ने कहा कि सरकारी लाभ नहीं मिलेगा. इसलिए उसने शव को जला देने की बात कही. स्थानीय प्रशासन ने भी मृतक का पोस्टमार्टम कराने की दिशा में पहल नहीं की.
पोस्टमार्टम कराना वाजिब था : बीस सूत्री अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि रोहित मनरेगा मजदूर था या दैनिक मजदूर. उसकी मौत हुई तो स्थानीय प्रशासन को पोस्टमार्टम कराना चाहिए था. वह सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना की छत ढलाई में मजदूरी करता था. पोस्टमार्टम नहीं कराने से ऐसा लगता है कि प्रशासन कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है. सरकार को पत्र लिखा जायेगा. बीडीओ रिंकू कुमारी ने बताया कि रोहित मांझी मनरेगा मजदूर नहीं था. इसलिए पोस्टमार्टम के लिए प्रशासन जवाबदेह नहीं है.
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