गिरफ्तार सात अपराधियों को पूछताछ के बाद भेजा गया जेल
गिरोह में रामगढ़ और धनबाद के अपराधियों को भी जोड़ा था
रांची : शिव शर्मा उर्फ शिवेंद्र धनबाद में रंगदारी के लिए एक कार शोरूम के संचालक की हत्या करानेवाला था. उसकी योजना एक बिल्डर की हत्या करने की भी थी. इस बात की जानकारी जेल जाने से पूर्व पूछताछ में शिव शर्मा ने पुलिस को दी है. उसने यह भी बताया है कि वह गिरोह को मजबूत करने के लिए रामगढ़ और धनबाद के भी पुराने अपराधियों को जोड़ रहा था. वह गिरोह में कुछ लोगों को जोड़ भी चुका था. उसने बताया कि वह कोयलांचल में पूर्व में सूरज की मौत से पहले प्रति माह करीब 15 लाख रुपये रंगदारी वसूलता था. वह अपने खर्च के लिए एक लाख रुपये रखता था.
सूरज सिंह की मौत के बाद गिरोह को संभालने की जिम्मेवारी शिव शर्मा पर आ गयी थी. इसलिए वह कुछ बड़ी घटनाओं को अंजाम देता था, ताकि व्यवसायियों से अधिक से अधिक रंगदारी वसूल सके. उल्लेखनीय है कि बिहार के अरवल से शिव शर्मा और उसके दो सहयोगियों को रांची पुलिस की टीम ने नौ दिसंबर को गिरफ्तार किया था. सर्कुलर रोड स्थित कावेरी रेस्टाेरेंट के संचालक लव भाटिया पर फायरिंग कराने के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी. उनकी निशानदेही पर चार अन्य अपराधियों को सदर थाना क्षेत्र के कोकर स्थित किराये के एक मकान से गिरफ्तार किया गया था. अरवल से गिरफ्तार शिव शर्मा और उसके दो सहयोगियों को पुलिस ने बिहार से रांची लाकर शनिवार की रात जेल भेज दिया था. कोकर से गिरफ्तार चार अपराधियों को पूछताछ के बाद रविवार को जेल भेज दिया गया.
शिवम के पेट में फंसी है एक गोली
शिव शर्मा के शूटर शिवम को जेल भेजने से पूर्व पुलिस ने रविवार को काफी देर तक उससे पूछताछ की. इस दौरान उसने बताया कि वह अपने छात्र जीवन में ही अपराधी बन गया था. वह बिहार के एक बड़े अपराधी के लिए पूर्व में काम कर चुका है. उसे गैंगवार की एक घटना में बिहार में छह गोली लगी थी, लेकिन इलाज के दौरान वह बच गया था. उसके पेट में अभी भी एक गोली फंसी है. जब पुलिस ने पूछा कि उसने गाेली क्यों नहीं निकलवायी. तब उसने बताया कि अपराध की दुनिया में आने के बाद उसे गोली निकलवाने के लिए कभी समय ही नहीं मिला.
