9.6 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

‘पेसा नियमावली कोल्ड ब्लडेड मर्डर’, झारखंड सरकार पर बरसे पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा

Pesa Rules Jharkhand: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अधिसूचित पेसा नियमावली को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने पेसा एक्ट 1996 की मूल भावना से छेड़छाड़ कर आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा अधिकारों को कमजोर किया है.

Pesa Rules Jharkhand: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अधिसूचित पेसा (PESA) नियमावली को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है. रविवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेसा कानून की मूल भावना से छेड़छाड़ कर आदिवासी समाज के स्वशासन की आत्मा पर कुठाराघात किया है.

लंबे समय से हो रही थी पेसा नियमावली की मांग

अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड में पेसा नियमावली लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. इसे लेकर कई लोग अदालत भी गये और सरकार को बाध्य किया गया. लंबे उधेड़बुन के बाद कैबिनेट से पारित नियमावली जब लोगों के सामने आई तो यह आदिवासी हितों के अनुरूप नहीं था.

सरकार ने आदिवासी स्वशासन की परंपरा को किया कमजोर : अर्जुन मुंडा

अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदिवासी जनजाति समाज का स्वशासन उसकी पारंपरिक व्यवस्था का अभिन्न अंग है, जो आदिकाल से चला आ रहा है. लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित नियमावली में इसी परंपरागत व्यवस्था की आत्मा को कमजोर कर दिया गया है.

Also Read: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने लिया बाबा बैद्यनाथ का आशीर्वाद, BLO से करेंगे सीधा संवाद

1996 के पेसा एक्ट से छेड़छाड़ का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा एक्ट वर्ष 1996 से अस्तित्व में है और इसे बेहतर तरीके से लागू करने के लिए राज्य सरकार को नियमावली बनाने का अधिकार है. लेकिन इसकी मूल भावना से छेड़छाड़ करने का अधिकार किसी भी सरकार को नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने एक्ट के मूल विषय का एक तरह से “कोल्ड ब्लडेड मर्डर” करने का प्रयास किया है.

ग्रामसभा की परिभाषा को लेकर गंभीर सवाल

अर्जुन मुंडा ने कहा कि किसी भी नियम की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है, जो उसके विस्तारित स्वरूप को तय करती है. झारखंड सरकार द्वारा घोषित पेसा नियमावली में ग्रामसभा की परिभाषा 1996 के एक्ट से अलग कर दी गई है. प्रस्तावना में केवल परंपरा की बात की गयी है, जबकि एक्ट में ग्रामसभा को रूढ़िजन्य विधि, धार्मिक प्रथा और परंपराओं के आधार पर परिभाषित किया गया है.

परंपरा की स्पष्ट परिभाषा नहीं

अर्जुन मुंडा ने कहा कि नियमावली में “परंपरा” की स्पष्ट परिभाषा तक नहीं दी गई है, जबकि देश के अन्य नौ राज्य, जहां पेसा एक्ट लागू है, वहां ग्रामसभा को एक्ट की मूल भावना के अनुरूप परिभाषित किया गया है.

अर्जुन मुंडा ने जनजाति समाज के साथ धोखाधड़ी का लगाया आरोप

अर्जुन मुंडा ने कहा कि जब किसी कानून की मूल भावना को ही खत्म कर दी जाएगी, तो उसके परिणाम भी अच्छे नहीं होंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि घोषित नियमावली से राज्य सरकार की मंशा उजागर होती है. यह जनजाति समाज के साथ बड़ा धोखा है.

प्रशासन और संस्थाएं अपने हिसाब से तय करेंगी व्यवस्थाएं : अर्जुन मुंडा

अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस नियमावली के आधार पर प्रशासन और संस्थाएं अपने हिसाब से व्यवस्थाएं तय करेंगी, जिससे शासन तंत्र का संस्थागत विकास प्रभावित होगा. भले ही नियमावली पन्नों के हिसाब से बड़ी हो, लेकिन भाव और भावना के स्तर पर यह शून्य है.

जनजातीय पहचान बदलने की कोशिश का आरोप

अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर चारित्रिक आधार पर जनजाति समाज की पहचान बदलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जैसे किसी व्यक्ति की पहचान उसके परिवार से होती है, वैसे ही जनजाति समाज की भी एक चारित्रिक पहचान होती है.

पांचवीं अनुसूची वाले राज्य में संवेदनशीलता जरूरी

अर्जुन मुंडा ने कहा कि पांचवीं अनुसूची वाले राज्यों में सरकार को बेहद संवेदनशील होकर काम करना चाहिए, लेकिन झारखंड सरकार का रवैया इसके विपरीत है. यह सरकार आदिवासियों के प्रति संवेदनहीन नजर आ रही है.

प्रेसवार्ता में ये नेता रहे मौजूद

इस मौके पर प्रदेश महामंत्री सह सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक और प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रहे.

Also Read: New Flyover : रांची में यहां बनेगा नया फ्लाइओवर, जाम से मिलेगी मुक्ति

Sameer Oraon
Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में भी बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में भी काम किया. झारखंड के सभी समसमायिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषय पर लिखने और पढ़ने में गहरी रूचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम किया. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल डेस्क पर भी काम किया. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रूचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel