Makar Tusu Festival, सरायकेला, शचिंद्र कुमार दाश: सरायकेला जिले में मकर संक्रांति और टुसू पर्व को लेकर गांव से लेकर शहर तक उत्सव का माहौल है. घर-घर में पारंपरिक पकवान बनाए जा रहे हैं और लोकसंस्कृति की झलक साफ दिखाई दे रही है. पर्व से एक दिन पहले ही महिलाओं ने रसोई में गुड़ पीठा व तिल से बने व्यंजन तैयार किए गए.
गुड़ पीठा इस त्योहार की पारंपरिक मिठाई
कोल्हान क्षेत्र में मकर और टुसू पर्व का नाम आते ही सबसे पहले गुड़ पीठा की याद आती है. यह पारंपरिक मिठाई न केवल स्वाद का प्रतीक है, बल्कि लोक परंपरा और पारिवारिक मेल-जोल बढ़ाने का एक तरीका भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गुड़ पीठा के बिना टुसू पर्व की कल्पना अधूरी लगती है.
अपने ढंग ढंग से पर्व की तैयारियां करते दिखे लोग
इस त्योहार के नजदीक आते ही क्या आम क्या खास हर कोई अपने अपने ढंग से इसकी तैयारियों में जुट जाता है. इसी कड़ी में मंगलवार को ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी पर्व की तैयारियां करती नजर आईं. वे अपने घर की महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से गुड़ पीठा बनाती दिखीं. उन्होंने पर्व के मौके पर उनके आवास आने वाले लोगों को स्नेहपूर्वक गुड़ पीठा भेंट किया.
गुड़ की खुशबू पर्व का बना रही माहौल
कई ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही चूल्हों की आंच और गुड़ की खुशबू पर्व का माहौल बना रही है. महिलाएं पारंपरिक गीतों के बीच पीठा बनाने में जुटी हैं, वहीं बच्चे और बुजुर्ग भी उत्सव की तैयारियों में शामिल होते दिख रहे हैं.
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