झारखंड चुनावः जानिये किन मु्द्दों पर लड़े जायेंगे चुनाव

Updated at : 26 Oct 2014 5:44 PM (IST)
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झारखंड चुनावः जानिये किन मु्द्दों पर लड़े जायेंगे चुनाव

रांची: झारखंड में दो बार खंडित जनादेश के बाद राज्य के लोगों को इस बार बहुमत वाली सरकार चुनने का मौका मिलने जा रहा है जहां कई नेताओं का मानना है कि मतदाताओं की पसंद के लिए स्थानीय मुद्दे अहम होंगे. भाजपा का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच लोगों को प्रभावित करेगी. […]

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रांची: झारखंड में दो बार खंडित जनादेश के बाद राज्य के लोगों को इस बार बहुमत वाली सरकार चुनने का मौका मिलने जा रहा है जहां कई नेताओं का मानना है कि मतदाताओं की पसंद के लिए स्थानीय मुद्दे अहम होंगे. भाजपा का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच लोगों को प्रभावित करेगी.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सरयू राय ने कहा, ‘‘ वृहद राष्ट्रीय मुद्दों के साथ विधानसभा चुनाव में स्थानीय विषय महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे. इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व और विकास से जुडी उनकी सोच गहरा प्रभाव डालेगी.’’21 अगस्त को रांची की यात्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से बहुमत वाली सरकार देने की अपील की थी ताकि झारखंड को विकसित राज्य के रुप में बदला जा सके.
राय ने कहा कि मतदाताओं को आभास हो गया है कि पिछले 14 वर्षो के दौरान कैसे अस्थिर सरकार और विश्वसनीय विपक्ष के अभाव में झारखंड को तेलंगाना जैसे नवसृजित राज्यों से मुकाबला करना पड रहा है जबकि इसके साथ गठित उत्तराखंड और छत्तीसगढ जैसे राज्य आगे निकल गए हैं.उन्होंने कहा, ‘‘ छत्तीसगढ और उत्तराखंड विकास के सूचकांक पर काफी आगे बढ गए हैं और अब हमें तेलंगाना जैसे नवसृजित राज्य से मुकाबला करना पडेगा.’’
झारखंड में पिछले 14 वर्षो की अवधि में नौ सरकारें बनी और तीन बार राष्ट्रपति शासन लगा. 2005 और 2009 के विधानसभा में खंडित जनादेश सामने आया था.राज्य में पांच चरणों में चुनाव कराने का कार्यक्रम निर्धारित है जो 25 नवंबर से शुरु होगा. झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का मानना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, राष्ट्रीय मुद्दे नहीं.
उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव में सुशासन, रोजगार, कानून एवं व्यवस्था, कल्याण पहल, सशक्तिकरण और अन्य मुद्दे मायने रखते हैं.’’उन्होंने दावा किया कि जो काम झामुमो नीत सरकार ने 14 महीने में किया, वह पहले की सरकारें 14 वर्षो में भी करने में विफल रहीं और यही मुद्दे हैं जो मतदाताओं को प्रभावित करेंगे.भट्टाचार्य ने आगे कहा कि झामुमो स्थिरता, सुशासन और विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के मार्गदर्शन में चुनाव के मैदान में उतरेगी.
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि विधानसभा चुनाव में 70 प्रतिशत स्थानीय मुद्दे और 30 प्रतिशत राष्ट्रीय मुद्दे हावी रहेंगे. चुनाव में बिजली, पानी, सडक, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, कानून एवं व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे.भाकपा माले विधायक विनोद कुमार सिंह ने भी कहा कि विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी रहेंगे.
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