सास-ससुर को 10 वर्ष की सजा

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गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) कुमार दिनेश की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में सास-ससुर को दोषी पाते हुए धारा 306/34 भादवि के तहत दस वर्ष की सजा सुनायी है. साथ ही अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है. जुर्माना की रकम नहीं देने पर एक वर्ष की […]

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गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) कुमार दिनेश की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में सास-ससुर को दोषी पाते हुए धारा 306/34 भादवि के तहत दस वर्ष की सजा सुनायी है. साथ ही अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है. जुर्माना की रकम नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. मामला तिसरी थाना अंतर्गत चंदौरी गांव का है. सूचक देवरी थाना अंतर्गत घसकरीडीह के पचंबा टोला निवासी रफीद अंसारी के बयान पर तिसरी थाना में कांड संख्या 03/13 के तहत 07.02.2013 को मामला दर्ज कराया गया था.

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मामले में सूचक ने कहा कि उसने अपनी बेटी साइदा परवीन की शादी पांच मई, 2012 को चंदौरी निवासी रूस्तम अंसारी पिता अयूब अंसारी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से की थी. शादी में उसने अपने दामाद को डेढ़ लाख रुपये नगद व 80 हजार रुपये का सामान दिया था. शादी के करीब एक माह तक उसकी बेटी ठीक-ठाक रही और उसके बाद उसके ससुर अयूब अंसारी, पति रूस्तम अंसारी, सास खजीरा खातून, देवर यूनुस अंसारी, इस्लाम अंसारी व सद्दाम अंसारी, भैसुर फारूख अंसारी, मामा का लड़का गफूर अंसारी व गुलाम अंसारी द्वारा दहेज में 60 हजार रुपये नगदी व एक मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी.
मांग जल्द मनवाने के लिए उसकी बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा. साइदा ने कहा कि मांग अगर जल्द पूरी नहीं की गयी तो ससुराल वाले उसकी हत्या कर देंगे. 06 फरवरी, 2013 को करीब दस बजे दिन जब वह अपनी बेटी का हाल-चाल जानने के लिए उसका ससुराल पहुंचा तो बेटी ने कहा कि मुझे यहां से ले चलिये.
ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं. इसी दिन शाम करीब साढ़े सात बजे उसके समधी अयुब अंसारी का फोन आया और कहा कि उसकी बेटी बेहोश है. घटना की जानकारी उसने अपने गांव वालों को दी और उन लोगों को साथ लेकर अपनी बेटी की ससुराल पहुंचा. हम सब को देख ससुराल के लोग भागने लगे. घर पहुंचने पर साइदा मृत पड़ी मिली.
उसका दावा है कि दहेज के कारण पति रूस्तम अंसारी, ससुर अयूब अंसारी, सास खजीरा खातून, देवर यूनुस अंसारी, इस्लाम अंसारी, सद्दाम अंसारी तथा भैसुर फारूख अंसारी ने मिलकर उसकी बेटी के साथ मारपीट की और उसके गर्दन में रस्सी बांधकर उसकी हत्या कर दी. घटना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया.
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मनोज कुमार सिंह व अधिवक्ता दामोदर प्रसाद राय ने 12 गवाहों के बयान का परीक्षण अदालत में कराया. अदालत ने इस मामले में दोषी पाते हुए सास खजीरा खातून व ससुर मो. अयूब अंसारी को दस वर्ष की सजा सुनायी है.

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