मैदान हैं नहीं, दे दी गयी लाखों की खेल सामग्री

Updated at : 12 Jun 2014 8:26 AM (IST)
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मैदान हैं नहीं, दे दी गयी लाखों की खेल सामग्री

रांची: झारखंड के तीस फीसदी स्कूलों में न तो खेल के मैदान हैं न ही शिक्षक इसके बाद भी लाखों के खेल की सामग्री स्कूलों को दे दी गयी. स्कूलों को वैसे खेलों का सामान दिया गया जिसे खेलने की सुविधा स्कूलों में नहीं है. एक स्कूल को दो बार खेल की सामग्री दी गयी. […]

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रांची: झारखंड के तीस फीसदी स्कूलों में न तो खेल के मैदान हैं न ही शिक्षक इसके बाद भी लाखों के खेल की सामग्री स्कूलों को दे दी गयी. स्कूलों को वैसे खेलों का सामान दिया गया जिसे खेलने की सुविधा स्कूलों में नहीं है. एक स्कूल को दो बार खेल की सामग्री दी गयी. अधिकांश स्कूलों में खेल के समान रखे-रखे बेकार हो गये. स्कूलों में आज खेल का समान नहीं है.

रांची के 32 स्कूलों में खेल मैदान नहीं : जिले में 73 राजकीय, राजकीयकृत व प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय हैं. इसमें से 32 स्कूलों में खेल का मैदान नहीं है. राज्य में राजकीय व राजकीकृत उच्च विद्यालय में ही खेल शिक्षक के पद हैं. जबकि अपग्रेड उच्च विद्यालय व प्रोजेक्ट उच्च विद्यालयों में खेल शिक्षक के पद तक सृजित नहीं है. राज्य के एक भी प्लस टू उच्च विद्यालय में खेल के शिक्षक नहीं है.

राज्य में हैं केवल 126 खेल शिक्षक : राज्य के विद्यालयों में खेल के शिक्षक भी नहीं है. एकीकृत बिहार के समय वर्ष 1985 में 578 शारीरिक शिक्षक (खेल शिक्षक) की नियुक्ति हुई थी. 578 में से 202 शिक्षक झारखंड में नियुक्त गये थे. इसमें से भी लगभग 76 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गये.राज्य के स्कूलों में 126 खेल शिक्षक बचे हुए हैं. बचे हुए अधिकांश शिक्षक अगले पांच वर्ष में सेवानिवृत्त हो जायेंगे.

केंद्र सरकार ने दी थी राशि : राज्य के सरकारी उच्च विद्यालय को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत खेलकूद की सामग्री दी गयी थी. वर्ष 2004-05 में रांची के 31 उच्च विद्यालय को 24,86, 678 रुपये, वर्ष 2005-06 में 41 स्कूल को 25 लाख रुपये, वर्ष 2006-07 में 45 स्कूल को 25 लाख रुपये की खेल सामग्री दी गयी थी. इसके बाद राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2012-13 व वर्ष 2013-14 में राज्य के 100-100 स्कूलों के लिए 20-20 हजार रुपये दिये गये. इसके तहत बड़े जिलों के पांच व छोटे जिले के चार स्कूलों को राशि दी गयी.

इन स्कूलों में खेल का मैदान नहीं
बीएसवी उवि निवारणपुर, बीआइटी प्लस टू उवि मेसरा, बालिका उवि इटकी, छोटानगपुर राज प्लस टू उवि रातू, डॉ राम मनोहर लोहिया उवि उमेडंडा, गौरीदत्त मंडेलिया उवि रातू, राजकीय बालिका उवि बरियातू, राजकीय उवि बजरा, उवि बंताहजाम सिल्ली, उवि टाटिसिल्वे, हिनू यूनाइटेड उवि हिनू, हंसराज बाधवा उवि नामकुम, कस्तूरबा गांधी बालिका उवि खरसीदाग, किसान उवि पतरातू, प्रोजेक्ट बालिका उवि अरमालटदाग, प्रोजेक्ट बालिका उवि ठाकुरगांव, प्रोजेक्ट बालिका उवि अनगड़ा, प्रोजेक्ट बालिका उवि सिल्ली, प्रोजेक्ट बालिका उवि बेड़ो, प्रोजेक्ट बालिका उवि ओपा, प्रोजेक्ट बलिका उवि डगडगिया, रामलखन सिंह यादव उवि कोकर, एसएस उवि सिल्ली, एसएस डोरंडा बालिका उवि, प्रोजेक्ट बालिका उवि ओरमांझी, राजकीय उवि बरियातू, केबी बालिका उवि व शिव नारायण मारवाड़ी बालिका उवि.

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