उद्योग जगत व विशेषज्ञों ने आरबीआइ की घोषणा का स्वागत किया

उद्योग जगत व विशेषज्ञों ने आरबीआइ की घोषणा का स्वागत किया
नयी दिल्ली : उद्योग जगत और विशेषज्ञों ने रिजर्व बैंक की विभिन्न घोषणाओं खासकर बैंकों का वसूल नहीं हो रहे कर्ज के पुनर्गठन की छूट देने के निर्णय का स्वागत किया. केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को बैंक प्रमुखों और उद्योग की मांग पर कंपनियों के लिए कर्ज पुनर्गठन की घोषणा की. उद्योग मंडल सीआइआइ ने एक बयान में कहा कि उद्योग जगत सूझबूझ के साथ कर्ज पुनर्गठन योजना क्रियान्वित करने के आरबीआई के निर्णय से उत्साहित है.
इसके तहत बैंकों को कंपनियों को दिये गये कर्ज के संदर्भ में सावधानी बरतते हुए पुनर्गठन योजना क्रियान्वित करने की अनुमति है. सीआईआई के अध्यक्ष उदय कोटक ने यह भी कहा कि आरबीआई पहले ही रेपो दर में उल्लेखनीय कमी कर चुका है जिससे नकदी बढ़ी है. फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने कहा कि उद्योग मंडल रिजर्व बैंक की कर्ज पुनर्गठन को लेकर की घोषणाओं का स्वागत करता है.
एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि आरबीआइ ने दबाव वाले कर्जदाताओं के लिए पुनर्गठन रूपरेखा की घोषणा कर बड़ी राहत दी है. साथ ही इससे बैंकों को भी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सोना के बदले कर्ज की सीमा बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक करने से उन परिवारों को राहत मिलेगी जो आय कम होने से नकदी समस्या से जूझ रहे है.
पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डीके अग्रवाल ने रिजर्व बैंक के वैश्विक बाजार और घरेलू अर्थव्यवस्था में हाल की गतिविधियों को देखते हुए नरम रुख को बरकरार रखने के निर्णय की सराहना की.मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अर्थशास्त्री निखिल गुप्ता ने आरबीआइ के इन निर्णयों को संतुलित बताते हुए कहा कि इसमें यह स्पष्ट है कि कोविड19 के इस संकट में केंद्रीय बैंक ने कर्ज देने वालों और लेने वालों दाेंनों की मदद करना चाह रहा है.
Post by : Pritish Sahay
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