Arvind Kejriwal Bail: तिहाड़ जेल से रिहा हुए अरविंद केजरीवाल, जानें 2021 से लेकर आजतक का पूरा घटनाक्रम

Edited by Pritish Sahay
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Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 177 दिनों के बाद तिहाड़ से रिहा हुए. सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ उन्हें बेल दिया है. 10 लाख रुपये के मुचलके पर उनकी रिहाई हुई है.

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Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिल गई है. वो 177 दिनों के बाद तिहाड़ जेल से रिहा हो गये हैं. तिहाड़ के बाहर AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस मौके पर उनकी पत्नी सुनीता तेजरीवाल भी तिहाड़ में मौजूद रहीं. सीएम केजरीवाल की रिहाई से आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है. कार्यकर्ता पटाखे जलाकर खुशी मनाया. बता दें, सीएम केजरीवाल को 177 दिनों के बाद जमानत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ उन्हें जमानत दी है. 10 लाख रुपये के मुचलके पर उन्हें बेल दी गई है. लेकिन केजरीवाल को जमानत शर्तों के साथ मिली है. बेल में रहते हुए वो न तो दफ्तर जा सकेंगे और न ही किसी फाइल पर साइन कर सकेंगे. उन्हें ट्रायल के दौरान कोर्ट में भी पेश होना होगा.

अरविंद केजरीवाल करेंगे रोड शो

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद रोड शो किया. रिहाई के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जेल की सलाखें उनके हौसले को कम नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी रिहाई के लिए लाखों लोगों ने प्रार्थना की है. उन्हीं दुआओं के कारण उन्हें रिहाई मिली है. केजरीवाल ने कहा कि देश विरोधी ताकतों के खिलाफ लड़ता रहूंगा. मेरे खून का हर कतरा देश के लिए है.  उन्होंने रिहाई के बाद बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी जेल मेरा हौसला नहीं तोड़ पाई है.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

सीबीआई की और से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से इनकार किए जाने को चुनौती देते हुए अरविंद केजरीवाल ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी. इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकीलों के उस अनुरोध को भी स्वीकार किया कि केजरीवाल की शीघ्र रिहाई के लिए विशेष कर्मचारी के माध्यम से रिहाई आदेश भेजा जाए. सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइयां की पीठ ने केजरीवाल को 10 लाख रुपये के मुचलके और दो जमानत राशियों पर जमानत दी.

सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार किया था. उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 10 मई को अंतरिम जमानत दी गई थी और दो जून को आत्मसमर्पण करने के बाद से वह जेल में हैं. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को मामले के बारे में कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करने का निर्देश दिया और कहा कि ईडी मामले में लागू नियम व शर्तें इस मामले में भी लागू रहेंगी. हालांकि सीबीआई की गिरफ्तारी पर जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइयां की राय अलग दिखी. जस्टिस सूर्यकांत ने सीबीआई की गिरफ्तारी को सही ठहराया.

कोर्ट ने क्या रखी हैं शर्तें

  • सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के साथ ही कई शर्तों भी लगाई हैं.
  • अरविंद केजरीवाल सीएम दफ्तर नहीं जा सकेंगे.
  • वो किसी भी फाइल पर साइन नहीं कर सकेंगे.
  • सीएम केजरीवाल मुकदमे को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे.
  • किसी भी तरह से केस को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे.

आबकारी नीति मामले का पूरा घटनाक्रम

नवंबर 2021- दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति पेश की.
जुलाई 2022- उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नीति बनाने और लागू करने में कथित अनियमितताओं के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की.
अगस्त 2022- सीबीआई और ईडी ने कथित अनियमितताओं को लेकर मामले दर्ज किए.
सितंबर 2022- दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति को रद्द कर दिया.
अक्टूबर 2023 से मार्च 2024: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम केजरीवाल को नौ समन जारी किए.
21 मार्च, 2024- दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जारी किए गए समन को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान करने से इनकार कर दिया. इसके तुरंत बाद ईडी ने आम आदमी पार्टी नेता को गिरफ्तार कर लिया.
10 मई-सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए एक जून तक अंतरिम जमानत दी और कहा कि उन्हें दो जून को आत्मसमर्पण करना होगा और वापस जेल जाना होगा.
20 जून-निचली अदालत ने केजरीवाल को नियमित जमानत दी.
21 जून-ईडी ने निचली अदालत के जमानत आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी. हाईकोर्ट ने एजेंसी की याचिका पर नोटिस जारी किया, स्थगन के मुद्दे पर घोषणा होने तक जमानत आदेश को स्थगित कर दिया.
25 जून-हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निचली अदालत की ओर से केजरीवाल को दी गई जमानत पर रोक लगा दी.
26 जून- CBI ने आबकारी नीति से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में केजरीवाल को औपचारिक रूप से जेल से गिरफ्तार किया.
17 मई- सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा.
12 जुलाई- सुप्रीम कोर्ट ने कथित आबकारी नीति घोटाले में ईडी की ओर से दर्ज मनी लॉउंड्रिंग मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी. लेकिन कहा गया कि सीबीआई मामले में वह जेल में ही रहेंगे.
17 जुलाई- केजरीवाल ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की गिरफ्तारी को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी.
5 अगस्त- दिल्ली हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की गिरफ्तारी को बरकरार रखा.
12 अगस्त- केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
14 अगस्त- सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया.
5 सितंबर- सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा.
11 सितंबर: दिल्ली की अदालत ने आबकारी घोटाला मामले में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 25 सितंबर तक बढ़ा दी.
13 सितंबर: सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को शर्तों के साथ जमानत देते हुए कहा कि लंबे समय तक जेल में रखना स्वतंत्रता से अन्यायपूर्ण तरीके से वंचित रखना है. भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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