Chhattisgarh News: अब QR कोड से फसल बेच सकेंगे किसान, सीएम साय ने जी कॉम इंडिया का किया शुभारंभ
Published by : Pritish Sahay Updated At : 18 Sep 2025 5:36 PM
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों के हित में जारी कृषि क्रांति अभियान के तहत किसान कॉल सेंटर (जी-कॉम इंडिया) का उदघाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया. अब किसान QR कोड के जरिए अपनी फसल को सीधे उपभोक्ता को बेच सकते हैं. बिचौलियों की जरूरत नहीं पड़ेगी. सीएम साय ने कहा कि अब क्यूआर कोड के माध्यम से किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे.
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्रांति अभियान के तहत किसान कॉल सेंटर, जी कॉम इंडिया का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री साय ने इसका शुभारंभ अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया. कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है. वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है. ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था, अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा.
किसी भी समस्या का होगा समाधान
कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों से किसी भी समस्या पर सहायता मिलेगी. इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी. उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 6 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे. विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है. जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था. ऐसे में इन नवीन पहल से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे.
किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनान्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं. यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे. बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी.
इस नंबर पर किसानों को मिलेगी सहायता
किसान कॉल सेंटर के जरिए जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों और अपनी समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों से मांग सकते हैं. इसके लिए मुख्यमंत्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्री बिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया. इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा. इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा. इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे. किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 0806 9378 107 पर संपर्क करना होगा.
किसानों की उत्पादों को पूरे देश से मिलेंगे खरीददार
जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे. जिला प्रशासन की ओर से चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर न रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा. देश के किसी भी कोने में बैठे खरीदारी ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे. इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा. इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नकदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा. किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी.
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By Pritish Sahay
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