छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की टूट रही कमर, इनामी नक्सली उधम सिंह ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

इनामी नक्सली उधम सिंह ढेर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली उधम सिंह को ढेर कर दिया है. उधम सिंह पर 8 लाख रुपये का इनाम था. मौके से एके-47 राइफल समेत कई और हथियार और नक्सली सामान मिले हैं.
छत्तीसगढ़ में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के अभियानों ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है. गुरुवार को बीजापुर में सुरक्षाकर्मियों ने मुठभेड़ में आठ लाख रुपये के इनामी नक्सली उधम सिंह को मार गिराया. उधम सिंह प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की दक्षिण बस्तर डिवीजन की डिविजनल कमेटी का सदस्य नक्सली था. वह दक्षिण बस्तर डिवीजन की पलटन संख्या 13 का प्रभारी भी था. बस्तर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि गुप्त जानकारी पर मिली थी कि उधम सिंह समेत कई और उग्रवादी तर्रेम पुलिस थाना क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में मौजूद हैं, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने एक अभियान शुरू किया.
मुठभेड़ में ढेर हुआ इनामी नक्सली
पुलिस ने बताया कि जानकारी के बाद जब सुरक्षा बल मौके पर पहुंची तो माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. जब गोलीबारी बंद हुई, तो उधम सिंह का शव बरामद किया गया. घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, दो मैगजीन और 28 गोलियां, कॉर्डेक्स वायर, एक वायरलेस सेट, एक मोबाइल फोन, पाउच, पिट्ठू बैग, टिफिन बैग और अन्य सामान बरामद किए गए. पुलिस ने बताया कि बीजापुर जिले के बसगुड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के कोटागुड़ा गांव का निवासी उधम सिंह 2002-3 में माओवादी संगठन में सदस्य के रूप में शामिल हुआ था और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सक्रिय रहा था. वह पिछले तीन वर्षों से पामेड क्षेत्र समिति से जुड़ा हुआ था.
कई थानों में उधम सिंह के खिलाफ दर्ज था मामला
पुलिस ने बताया कि नक्सली ऊधम सिंह के खिलाफ जिले के कई थानों में नक्सल घटनाओं से जुड़े मामले दर्ज थे.
- 2023 में तर्रेम पुलिस थाना क्षेत्र के गोंडम जंगल क्षेत्र में पुलिस दल पर हमला
- 2024 में बसगुड़ा थाना क्षेत्र के पुटकेल-चिपुरभट्टी जंगल में पुलिस-माओवादियों के बीच मुठभेड़
- 2024 में जिडपल्ली कैंप पर हमले में कथित तौर पर शामिल था.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि साल 2025 में बीजापुर जिले में हुईं अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 163 माओवादी मारे गए थे, जबकि 2026 में अब तक 11 माओवादी ढेर हो चुके हैं. बस्तर रेंज के पुलिस निरीक्षक जनरल सुंदरराज पट्टलिंगीम ने कहा कि सुरक्षा बल शांति और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए सतर्कता, संयम और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रहे हैं. सुंदरराज ने कहा “हिंसा का मार्ग चुनने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी लेकिन सरकार उन लोगों को मुख्यधारा में लाने और पुनर्वास नीति के तहत जीवन बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.”
एक महीने में 23 नक्सली ढेर
इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ में 23 माओवादी मारे जा चुके हैं. तीन जनवरी को, बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ में कुल 14 माओवादी मारे गए थे. पिछले साल, छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में 285 माओवादी मारे गए थे. केंद्र सरकार ने इस साल 31 मार्च तक वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने की समय सीमा तय कर रखी है. (इनपुट भाषा)
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लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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