बिहार में शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू, स्लम की हो रही है वीडियोग्राफी

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राज्य के सभी शहरी निकायों में अधिसूचित व गैर अधिसूचित स्लम का सर्वे किया जायेगा. नगर विकास व आवास विभाग के निर्देश पर सभी शहरी निकाय अपने निगम क्षेत्र में प्रत्येक सरकारी भूमि की स्लम में कितने गरीब निवास करते हैं? कितनों के पास अपने पक्के मकान हैं? इसका भी डेटा तैयार किया जायेगा.

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पटना. राज्य के सभी शहरी निकायों में अधिसूचित व गैर अधिसूचित स्लम का सर्वे किया जायेगा. नगर विकास व आवास विभाग के निर्देश पर सभी शहरी निकाय अपने निगम क्षेत्र में प्रत्येक सरकारी भूमि की स्लम में कितने गरीब निवास करते हैं? कितनों के पास अपने पक्के मकान हैं? इसका भी डेटा तैयार किया जायेगा. विभाग की ओर से बीते वर्ष दिसंबर में इस संबंध में निर्देश भेजे गये थे. इस पर अधिकतर निकायों ने काम पूरा नहीं किया.

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अब विभाग की ओर से निकायों को एक बार फिर रिमांडर भेज कर जल्द- से -जल्द डेटा तैयार करने और विभाग को भेजने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की योजना पूरी की जा सके. विभाग के निर्देश में कहा गया है कि स्लम बस्ती में परिवार के मुखिया व सभी वयस्क की फोटोग्राफी करायी जाये. एक मकान में रहने वाले लोगों को एक परिवार माना जाये.

आवास के सामने सभी का फोटो लिया जाये और स्लम का वीडियोग्राफी सहित डेटा तैयार किया जाये. अब विभाग की ओर से से नवगठित नगरपालिक स्वच्छता एवं विकास निदेशालय ने सभी निकायों को निर्देश दिया है कि सरकारी भूमि वासित गरीब आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए जमीन चिह्नित किया जाये. प्रत्येेक निकाय में प्वाइंट 50 एकड़ भूमि चिह्नित करने की जरूरत होगी.

भूमि चिह्नित होने के बाद विभाग की ओर से शहरी आवास योजना के तहत वहां मल्टी स्टोरी भवन का निर्माण किया जायेगा. गौरतलब है कि आवास योजना के तहत सभी शहरी गरीबों व आवास विहिनों को आवास उपलब्ध कराने के लिए इस तरह का डेटा तैयार किया जाना है.

अब तक 46437 परिवार चिह्नित

विभाग के निर्देश पर राज्य के नगर निकायों में सरकारी भूमि पर रहने वाले शहरी गरीब आवासहीन परिवारों को चिह्नित किया गया है. विभाग को भेजे रिपोर्ट के अनुसार अब तक 118 नगर निकायों में ऐसे 46437 परिवार चिह्नित हैं. इनके पास अपने पक्के आवास नहीं हैं.

इन परिवारों को लिए शहर में जमीन की खोज हो रही है. अगर दूसरे विभाग की भूमि चिह्नित होती है , तो हस्तानांतरण के लिए सरकार स्तर से निर्णय लिया जायेगा. वहीं, सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में बाजार मूल्य से भूमि की खरीद की जायेगी. विभाग ने इसे निकायों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिये हैं.

Posted by Ashish Jha

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