Bihar News: टूरिस्ट हब के रूप में विकसित होगा हाजीपुर के बरैला झील, नेचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 14 Feb 2025 4:24 AM
सांकेतिक तस्वीर.
Bihar News: हाजीपुर के बरैला झील टूरिस्ट हब के रूप में विकसित होगा. इसके साथ ही नेचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.
Bihar News: हाजीपुर के सलीम अली पक्षी आश्रयणी बरैला झील को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने की कवायद एक बार फिर से शुरू कर दी गयी. बीते 6 जनवरी को वैशाली में अपनी प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके विकास और सौंदर्यीकरण की घोषणा की थी. वहीं कैबिनेट ने बीते 4 फरवरी को बरैला झील के विकास और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 53.40 करोड़ रुपये की योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस योजना के तहत बरैला झील की भूमिकरण के एकीकरण, पानी की उपलब्धता के लिए इनलेट व आउटलेट का जीर्णोद्धार, आवास प्रबंधन, हाइलैंड का निर्माण तथा विभिन्न प्रकार के फलदार एवं जैव विविधता महत्व के फलदार एवं लंबे प्रजाति का पौधारोपण, पक्षियों के घोसला व आवासन के लिए पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों से कृत्रिम बसेरा स्थल का निर्माण, खरपतवार हटाना, संरक्षण, इको पर्यटन का निर्माण कराया जायेगा. साथ ही अधिसूचित क्षेत्र 3.7 एकड़ के लिए पहुंच पथ करीब एक किलोमीटर का निर्माण संबंधित रैयती किसानों से अनापत्ति के बाद कराया जायेगा.
जंदाहा व पातेपुर प्रखंड में फैला हुआ है बरैला झील
सेंट्रलाइज्ड इंटरप्रिटेशन सह वाच टावर, इंट्रेंस प्लाजा, लैंड स्केपिंग, पार्किंग, बच्चों का खेल उद्यान, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधा व नौका विहार की सुविधा का विकास तथा जन जागरुकता के लिए साइनेजेज एवं बोर्ड लगाये जायेंगे. गुरुवार को डीडीसी कुंदन कुमार, डीपीआरओ नीरज व रेंजर सुनील कुमार ने बरैला झील का भ्रमण कर वहां होने वाले कार्यों की जानकारी ली. मालूम हो कि बरैला झील जिले के जंदाहा व पातेपुर प्रखंड में फैला हुआ है. बरैला आद्रभूमि का कुल क्षेत्रफल 1625.34 हेक्टेयर है, जिसमें से केवल 197.91 हेक्टेयर क्षेत्र को बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या 11/97-83E/15 दिनांक 28 जनवरी 1997 के तहत बरैला झील सलीम अली पक्षी अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया है. अधिसूचित क्षेत्र को 21 छोटे-छोटे पृथक खंडों में बंटा है. बरैला झील मुख्य रूप से प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के स्थानीय पक्षियों, मछलियों और अन्य जीवों का आवास है. यह झील और इसके आसपास का क्षेत्र वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विविधता का घर है, जिसमें प्रवासी पक्षियों की 59 प्रजातियां, स्थानीय पक्षियों की 106 प्रजातियां, 16 पेड़ प्रजातियां, 11 झाड़ीदार प्रजातियां और बहुत कुछ शामिल हैं.
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पक्षियों के लिए बनाया जायेगा कृत्रिम बसेरा
यहां पर आने वाले पक्षियों के बैठने व घोसला निर्माण के लिए बांस-बल्ला, लकड़ी का बल्ला आदि से कृत्रिम स्थल का निर्माण किया जायेगा. इसके अलावा हाईलैंड का निर्माण कर विभिन्न प्रकार के जैव विविधता महत्व के फलदार एवं लंबी प्रजाति वाली पेड़-पौधे लगाये जाएंगे. वहीं बरैला झील क्षेत्र में फैले खर-पतवार, जलकुंभी व नरकट आदि को भी हटाया जायेगा. वैशाली जिला बिहार के विभिन्न पर्यटन सर्किट जैसे बौद्ध व जैन सर्किट एवं इस्लामिक सर्किट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. वैशाली जिले में अशोक स्तंल्भ, राजा विशाल का गढ़, अभिषेक पुष्करणी, विश्व शांति स्तूप, जैन मंदिर पर्यटन स्थल हैं. जल्द ही यहां बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय भी शुरू होने वाला है. वर्ष 2024 (अक्टूबर तक) 437549 देसी तथा 59219 विदेशी पर्यटक वैशाली जिला में आये थे. बरैला झील सलीम अली पक्षी आश्रयणी अपने प्राकृतिक परिवेश, पक्षियों की विविधता इत्यादि के कारण बिहार के नेचर एवं वाइल्ड लाइफ सर्किट में शामिल होने की आवश्यक अर्हता रखता है. इसके सौंदर्यीकरण व विकास के बाद यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे.
सेंट्रल इंटरप्रिटेशन सह वॉच टावर से होगी निगरानी
पक्षियों की निगरानी एवं पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां सेंट्रलाइज्ड इंटरप्रिटेशन सह वॉच टॉवर का निर्माण का निर्माण कराया जायेगा. इसकी ऊंचाई करीब 60-70 फीट रहेगी. इसके विभिन्न मंजिलों पर पक्षी व्याख्यान केंद्र, कंट्रोल रूम, हस्तकला का प्रशिक्षण केंद्र आदि का प्रावधान किया जा रहा है. इसकी परिधि में कैफेटेरिया, सोविनियर सॉप, सोलर पॉवर ग्रिड आदि के निर्माण की योजना है. पर्यटकों की सुविधा के लिए वाच टॉवर में लिफ्ट की भी सुविधा रहेगी.
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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